🏫 खेल-खेल में बच्चों ने सीखे पढ़ने के आसान तरीके खिरहनी स्कूल में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ एफएलएन मेला
Written & Edited By : ADIL AZIZ (जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
📧 Email : publicnewsviews1@gmail.com
PUBLIC SAB JANTI HAI
🌈 शिक्षा में नया प्रयोग: खेल के माध्यम से सीखने का उत्सव
कटनी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों में सीखने की प्रक्रिया को रोचक और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से शासकीय माध्यमिक शाला खिरहनी संकुल वेंकटवार्ड में “एफएलएन मेला” (FLN Mela) का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले में खेल-खेल में बच्चों को पढ़ने, लिखने और समझने के आसान तरीके सिखाए गए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था — बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (Foundational Literacy and Numeracy) को मज़ेदार गतिविधियों के ज़रिए बढ़ावा देना, ताकि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित न रहकर बच्चों के व्यवहार और सोच में स्वाभाविक रूप से समाहित हो सके।
🎯 उद्देश्य: खेल के माध्यम से बौद्धिक विकास
इस मेला का मुख्य आकर्षण था बच्चों द्वारा तैयार की गई शैक्षिक गतिविधियाँ — जैसे शब्द पहेलियाँ, गणित खेल, चित्र पहचान, और कहानी कहो प्रतियोगिता। इन खेलों के माध्यम से बच्चों को अक्षरों, शब्दों और अंकों से जोड़ने की प्रक्रिया सिखाई गई।
राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देश और कलेक्टर आशीष तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस मेले में नन्हे-मुन्ने बच्चों की रचनात्मकता और उत्साह देखने लायक रहा। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने बच्चों का मनोबल बढ़ाया और शिक्षा के इस नए स्वरूप की सराहना की।
🧠 बच्चों का बौद्धिक और सामाजिक विकास
मेले में बच्चों ने यह दिखाया कि कैसे वे बिना तनाव के सीख सकते हैं। खेल-खेल में किए गए इन प्रयोगों से न केवल उनका बौद्धिक विकास हुआ, बल्कि सामाजिक व्यवहार, आत्मविश्वास और टीमवर्क की भावना भी मजबूत हुई।
डीपीसी प्रेमनारायण तिवारी ने कहा — “खेल आधारित शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है। इससे बच्चे जल्दी और स्पष्ट रूप से विषयों को समझ पाते हैं।”
वहीं मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक टंडन सोनी ने कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षा के प्रति बच्चों में सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करते हैं। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने में मील का पत्थर साबित होगी।”
🧩 जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों की सराहनीय भूमिका
कार्यक्रम की अध्यक्षता डाइट प्राचार्य एमपी डुंगडुंग ने की। इस अवसर पर बीआरसी मनोज गौतम, एपीसी सोबरन सिंह राजपूत, प्रतिभा गर्ग, और वार्ड पार्षद सुखदेव चौधरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सभी अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “एफएलएन मेले जैसे आयोजन न केवल बच्चों को शिक्षित करते हैं बल्कि उनमें अनुशासन और स्वच्छता की भावना भी विकसित करते हैं।”
🎨 रंग-बिरंगे स्टॉल और आकर्षक गतिविधियाँ
मेले में बच्चों और शिक्षकों द्वारा कई शैक्षिक स्टॉल लगाए गए थे, जिनमें हिंदी, गणित और पर्यावरण विषयों से जुड़ी सामग्रियाँ प्रदर्शित की गईं।
-
गणित स्टॉल पर बच्चों ने जोड़-घटाव को खेलों के माध्यम से सिखाया।
-
भाषा स्टॉल पर “शब्द खोज” और “कहानी बनाओ” जैसे खेलों से बच्चों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई।
-
पर्यावरण स्टॉल पर “पेड़ लगाओ – जीवन बचाओ” संदेश को बच्चों ने चित्रों और पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में पूर्व मंडल अध्यक्ष मनीष दुबे, मंडल अध्यक्ष रजत जैन, एसएमसी अध्यक्ष कैलाश चौधरी, मीना विश्वकर्मा, दिनेश रजक, राजकुमार चक्रवर्ती, बीएसी सुरेश धाकड़, जनशिक्षक मनीष दीक्षित और अजय चतुर्वेदी की सक्रिय उपस्थिति रही।
👩🏫 शिक्षकों के समर्पण से मिला आयोजन को आकार
एफएलएन मेले की सफलता के पीछे शिक्षकों का अथक परिश्रम रहा।
इस आयोजन को सफल बनाने में शाला प्रभारी शिवकुमार सिंह सोलंकी, सरमन तिवारी, रेवा नेगी, प्रतिभा परोहा, निधि अग्रहरि, मनोरमा त्रिपाठी, रेखा शुक्ला, माया शुक्ला, राजश्री रैकवार, शांति तिर्की, शकुंतला गर्ग, रश्मि परिहार, रामकुमारी सिंह, अर्चना द्विवेदी, और मुन्नीबाई खटीक की भूमिका विशेष रही।
सभी शिक्षकों ने बच्चों को नई गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा की ओर आकर्षित करने का काम किया। उनके प्रयासों से विद्यालय परिसर में एक उत्सव जैसा माहौल रहा।
🌱 शिक्षा में बदलाव की नई दिशा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत ऐसे आयोजन ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। इससे बच्चों में सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय और सहभागितापूर्ण बनाया जा रहा है।
बच्चों के खेल-खेल में सीखने की यह पहल न केवल शैक्षिक गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक कदम है बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक भी है।
जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयास से खिरहनी स्कूल का यह एफएलएन मेला शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणा का नया उदाहरण बन गया है।
📢 निष्कर्ष: बच्चों की सीखने की आज़ादी
खेल आधारित शिक्षा बच्चों को यह सिखाती है कि पढ़ाई बोझ नहीं, आनंद है। जब शिक्षा का माहौल हंसी-खुशी से भरा हो, तो बच्चे खुद सीखने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं।
खिरहनी स्कूल का यह आयोजन बताता है कि सही दिशा और सहयोग से छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं।
#एफएलएनमेला #खेलकेमाध्यमसेशिक्षा #राष्ट्रीयशिक्षानीति #खिरहनीविद्यालय #कटनीसमाचार #बालशिक्षा #साक्षरतामेला #मध्यप्रदेशशिक्षा
#FLNMela #PlayBasedLearning #EducationReform #KhiraHniSchool #KatniNews #ChildDevelopment #NEP2020 #MPEducation
🖋️ Written & Edited By : ADIL AZIZ (जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
📧 Email : publicnewsviews1@gmail.com
PUBLIC SAB JANTI HAI
कोई टिप्पणी नहीं