Translate

Public Breaking

पैराक्वेट डाइक्लोराइड पर प्रतिबंध, मानव और पशुओं के लिए खतरनाक कीटनाशक का स्टॉक नष्ट करने के निर्देश

 पैराक्वेट डाइक्लोराइड पर प्रतिबंध, स्टॉक नष्ट करने के निर्देश



 पैराक्वेट डाइक्लोराइड पर प्रतिबंध संबंधी कार्रवाई, निर्माता कंपनियों के स्टॉक और पंजीकरण प्रमाणपत्रों पर निर्देश। जानें किसानों और स्वास्थ्य के लिए जरूरी सावधानियां।

 पैराक्वेट प्रतिबंध: किसानों के लिए जरूरी जानकारी और सावधानियां

 पैराक्वेट डाइक्लोराइड प्रतिबंध

 Paraquat Dichloride Ban, पैराक्वेट कीटनाशक, कीटनाशक प्रतिबंध 2026, मूंग की फसल, कृषि विभाग मध्य प्रदेश, जहरीला खरपतवारनाशक

 

 पैराक्वेट डाइक्लोराइड प्रतिबंध और खतरनाक कीटनाशक का स्टॉक नष्ट करने के निर्देश


 Paraquat Dichloride, Paraquat Ban 2026, Madhya Pradesh News, Katni News, Agriculture News, Pesticide Ban, Farmer News, Crop Safety, Human Health, Agricultural Department, Public News and Views

भोपाल , 15 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश में पैराक्वेट डाइक्लोराइड (Paraquat Dichloride) कीटनाशक को लेकर राज्य शासन ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। मानव और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माने जाने वाले इस रसायन की बिक्री और भंडारण पर रोक लगाने के साथ ही निर्माता कंपनियों के पास बचे स्टॉक को वापस बुलाकर नियमानुसार नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने संबंधित निर्माता कंपनियों के पंजीकरण प्रमाणपत्रों को केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (CIB&RC) को वापस करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित कीटनाशक की उपलब्धता रोकना और इसके अनधिकृत इस्तेमाल से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों को कम करना है।

कृषि क्षेत्र में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कुछ किसान फसल कटाई से पहले पौधों को जल्दी सुखाने के लिए इस रसायन का इस्तेमाल करते रहे हैं। हालांकि, किसी भी कृषि रसायन का उपयोग केवल निर्धारित नियमों और संबंधित फसल के लिए स्वीकृत निर्देशों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

पैराक्वेट डाइक्लोराइड पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?

पैराक्वेट डाइक्लोराइड एक शक्तिशाली खरपतवारनाशक रसायन है, जो पौधों के हरे हिस्सों के संपर्क में आने पर तेजी से नुकसान पहुंचाता है। इसका उपयोग खरपतवार नियंत्रण के लिए किया जाता रहा है, लेकिन इसकी अत्यधिक विषाक्तता मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

इस रसायन के शरीर में पहुंचने से फेफड़ों, गुर्दों और अन्य महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान हो सकता है। अधिक मात्रा में इसके संपर्क या सेवन से जानलेवा विषाक्तता भी हो सकती है।

इसी जोखिम को देखते हुए इसके पंजीकरण, बिक्री, भंडारण और इस्तेमाल पर नियामकीय कार्रवाई महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रतिबंध का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रतिबंधित रसायन बाजार में उपलब्ध न रहे और इसका अनधिकृत इस्तेमाल रोका जा सके।

निर्माता कंपनियों को क्या निर्देश दिए गए?

किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की ओर से प्रतिबंध के पालन के लिए संबंधित कंपनियों के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।

बिक्री और भंडारण पर रोक

पैराक्वेट डाइक्लोराइड का निर्माण करने वाली कंपनियों के खिलाफ बिक्री और भंडारण रोकने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिबंध के प्रभावी पालन के लिए संबंधित रसायन के वितरण और उपलब्धता पर नियंत्रण जरूरी है, ताकि यह अनधिकृत रूप से किसानों या अन्य उपयोगकर्ताओं तक न पहुंचे।

पंजीकरण प्रमाणपत्र वापस करने के निर्देश

जिन निर्माता कंपनियों के पास इस कीटनाशक के पंजीकरण प्रमाणपत्र हैं, उन्हें केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (CIB&RC) को प्रमाणपत्र वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रक्रिया संबंधित नियामकीय आदेशों के अनुपालन का हिस्सा है।

बचा हुआ स्टॉक वापस बुलाकर नष्ट करना होगा

निर्माता कंपनियों के पास उपलब्ध शेष स्टॉक को वापस बुलाने और नियमानुसार नष्ट करने के निर्देश भी दिए गए हैं। खतरनाक रसायनों का निपटान सामान्य कचरे की तरह नहीं किया जाना चाहिए। इसके लिए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं और लागू पर्यावरणीय नियमों का पालन जरूरी है।

पैराक्वेट डाइक्लोराइड कैसे काम करता है?

पैराक्वेट डाइक्लोराइड पौधों के हरे हिस्सों पर संपर्क के बाद तेजी से असर करने वाला खरपतवारनाशक है। यह पौधों की कोशिकाओं में ऐसी प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है, जिनसे कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है और पत्तियां तथा अन्य हरे हिस्से सूखने लगते हैं।

इसे कुछ बाजारों में ग्रामोक्सोन (Gramoxone) जैसे व्यापारिक नामों से भी जाना जाता रहा है। हालांकि, किसी उत्पाद की वैधता उसके पंजीकरण और लागू सरकारी नियमों पर निर्भर करती है।

इसकी तेजी से असर करने की क्षमता के कारण कुछ किसान इसे फसल कटाई से पहले पौधों को सुखाने के लिए इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन किसी रसायन का पौधों को जल्दी सुखा देना इस बात का प्रमाण नहीं है कि उसका उपयोग खाद्य फसल पर सुरक्षित या कानूनी है।

मूंग की फसल में इस्तेमाल को लेकर चिंता

मूंग की फसल में कटाई से पहले पौधों और पत्तियों को जल्दी सुखाने के लिए पैराक्वेट डाइक्लोराइड के इस्तेमाल की शिकायतें चिंता का विषय रही हैं। इससे कटाई और गहाई का काम जल्दी पूरा करने तथा मजदूरी का समय बचाने की कोशिश की जाती है।

हालांकि, कृषि कार्यों में समय और लागत बचाने के लिए किसी प्रतिबंधित या अनधिकृत रसायन का इस्तेमाल गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। खाद्य फसलों पर किसी भी कीटनाशक या खरपतवारनाशक का प्रयोग संबंधित उत्पाद के स्वीकृत उपयोग, फसल संबंधी निर्देशों और लागू कानूनों के अनुरूप ही होना चाहिए।

किसानों को फसल सुखाने या पकाने के लिए प्रतिबंधित रसायनों का सहारा नहीं लेना चाहिए। इसके बजाय कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र या कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से सलाह लेकर उचित विकल्प चुनना चाहिए।

मानव स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है यह रसायन?

पैराक्वेट डाइक्लोराइड अत्यधिक विषैला रसायन है। इसके शरीर में पहुंचने पर गंभीर विषाक्तता हो सकती है। जोखिम की गंभीरता संपर्क के तरीके, मात्रा और चिकित्सा सहायता मिलने में लगने वाले समय पर निर्भर करती है।

फेफड़ों और गुर्दों को हो सकता है गंभीर नुकसान

पैराक्वेट निगलने से फेफड़ों, गुर्दों और अन्य अंगों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है। कुछ मामलों में शुरुआती लक्षणों के बाद भी स्वास्थ्य की स्थिति बिगड़ सकती है। गंभीर विषाक्तता जानलेवा साबित हो सकती है।

इस रसायन के लिए कोई विश्वसनीय विशिष्ट प्रतिविष (एंटीडोट) उपलब्ध नहीं है। इसलिए रोकथाम और समय पर चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण हैं।

यदि किसी व्यक्ति के शरीर में यह रसायन चला जाए या इसके सेवन की आशंका हो, तो तत्काल आपात चिकित्सा सहायता लें। स्वयं उल्टी कराने या घरेलू उपचार करने की कोशिश न करें।

कैंसर और अन्य बीमारियों के दावों में सावधानी जरूरी

पैराक्वेट से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर वैज्ञानिक और नियामकीय स्तर पर अध्ययन किए गए हैं। हालांकि, कैंसर सहित किसी विशिष्ट बीमारी के खतरे के बारे में दावा करते समय वैज्ञानिक प्रमाणों और संबंधित नियामक संस्थाओं के निष्कर्षों को ध्यान में रखना जरूरी है।

इसकी अत्यधिक विषाक्तता और गंभीर विषाक्तता पैदा करने की क्षमता को देखते हुए अनधिकृत इस्तेमाल से बचना चाहिए।

किसानों और आम नागरिकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

प्रतिबंध के बाद किसानों, विक्रेताओं और रसायन संभालने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

  • प्रतिबंधित पैराक्वेट डाइक्लोराइड का इस्तेमाल न करें।

  • पुराने स्टॉक को बेचने या वितरित करने से पहले संबंधित सरकारी आदेशों का पालन करें।

  • रसायन को घरेलू सामान, पशु आहार और खाद्य पदार्थों से दूर रखें।

  • संदिग्ध या बचा हुआ रसायन नाली, तालाब, खेत या खुले स्थान पर न डालें।

  • स्टॉक के निपटान के लिए कृषि विभाग और अधिकृत अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

  • किसी भी खाद्य फसल पर रसायन का प्रयोग करने से पहले उसके पंजीकरण और स्वीकृत उपयोग की पुष्टि करें।

यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर रसायन गिर जाए या उसके निगलने की आशंका हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। उत्पाद का डिब्बा या लेबल सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो, तो चिकित्सा दल को उसकी जानकारी दें।

किसानों के लिए वैकल्पिक उपायों की जानकारी जरूरी

खरपतवार नियंत्रण और फसल प्रबंधन कृषि उत्पादन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। प्रतिबंधित रसायन के विकल्प का चयन करते समय किसानों को केवल कीमत या असर की गति पर ध्यान नहीं देना चाहिए। संबंधित फसल के लिए विकल्प का पंजीकृत होना, सुरक्षा संबंधी निर्देश और इस्तेमाल की निर्धारित मात्रा भी महत्वपूर्ण हैं।

कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र और कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ स्थानीय मिट्टी, मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार उचित सलाह दे सकते हैं। किसानों को सोशल मीडिया या अनधिकृत विक्रेताओं के दावों के आधार पर रसायनों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

सरकारी आदेश और आधिकारिक जानकारी कहां देखें?

प्रतिबंध की कानूनी स्थिति, अधिसूचना की तारीख, प्रभावी होने की तिथि और स्टॉक नष्ट करने की प्रक्रिया की पुष्टि के लिए मूल सरकारी अधिसूचना देखना आवश्यक है।

आधिकारिक जानकारी के लिए निम्नलिखित वेबसाइट उपयोगी हैं:

  • कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार: https://agriwelfare.gov.in/

  • केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति: https://ppqs.gov.in/

  • भारत का ई-राजपत्र: https://egazette.gov.in/

  • मध्य प्रदेश शासन का आधिकारिक पोर्टल: https://mp.gov.in/

इन स्रोतों पर उपलब्ध अधिसूचनाओं और आदेशों से प्रतिबंध के कानूनी आधार तथा संबंधित प्रक्रियाओं की पुष्टि की जा सकती है। राज्य शासन के आदेश की संख्या और तारीख प्रकाशित करने से पहले मूल दस्तावेज से मिलान करना जरूरी है।


पैराक्वेट डाइक्लोराइड पर प्रतिबंध और बचे हुए स्टॉक को नष्ट करने के निर्देश कृषि रसायनों के सुरक्षित उपयोग तथा मानव और पशु स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। किसानों को ऐसे किसी भी रसायन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिसका उपयोग प्रतिबंधित हो या संबंधित फसल के लिए स्वीकृत न हो।

सरकारी विभागों, निर्माताओं, विक्रेताओं और किसानों के बीच समन्वय से ही प्रतिबंध का प्रभावी पालन संभव है। जागरूकता, नियमों का अनुपालन और सुरक्षित कृषि पद्धतियां अपनाना इस दिशा में सबसे जरूरी कदम हैं।

Written & Edited By: ADIL AZIZ

(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)

PUBLIC SAB JANTI HAI

Email: publicnewsviews1@gmail.com

दिनांक: 15 अक्टूबर 2026
स्थान: कटनी, मध्य प्रदेश

कोई टिप्पणी नहीं