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मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: ₹27,050 करोड़ की मंजूरी, सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना और जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर




भोपाल , 15 अक्टूबर 2026 | Public News & Views

मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, शिक्षा, सिंचाई और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार की ओर से जारी विवरण के अनुसार, अलग-अलग योजनाओं की निरंतरता और विकास कार्यों के लिए लगभग 27,050 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।

बैठक का प्रमुख आकर्षण जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी के गठन की मंजूरी और खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू करने का निर्णय रहा। इसके अतिरिक्त सिंचाई परियोजनाओं, शासकीय विद्यालयों, सांदीपनि विद्यालयों में परिवहन व्यवस्था, आयुष चिकित्सा संस्थानों और न्यायिक व्यवस्था के लिए भी बड़े वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दी गई।

जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए बनेगी सरकारी कंपनी

मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद ने पूर्णतः शासकीय स्वामित्व वाली ‘जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड’ के गठन को मंजूरी दी है। इस कंपनी का उद्देश्य जबलपुर-इंदौर औद्योगिक कॉरिडोर से जुड़े चयनित औद्योगिक क्षेत्रों और आर्थिक हब का योजनाबद्ध विकास करना होगा।

प्रस्ताव के अनुसार, कंपनी को मजबूत वित्तीय आधार देने के लिए राज्य सरकार 100 करोड़ रुपये की प्रारंभिक चुकता पूंजी उपलब्ध कराएगी। कंपनी के नीतिगत संचालन के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गवर्निंग काउंसिल गठित की जाएगी। इसके अलावा कार्यकारी निकाय के माध्यम से परियोजनाओं के क्रियान्वयन और प्रबंधन का काम किया जाएगा।

औद्योगिक पार्क और रोजगार की संभावनाएं

नई कंपनी के माध्यम से औद्योगिक पार्क, फूड पार्क, एग्री-प्रोसेसिंग पार्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, टेक्नोलॉजी एवं आईटी पार्क तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसी सुविधाओं के विकास की योजना है। आर्थिक हब के भीतर सड़क, अन्य साझा बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक अधोसंरचना के विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा।

भूमि प्रबंधन, भू-अर्जन, जोनिंग, मास्टर प्लानिंग, भू-आवंटन और लीज जैसी गतिविधियां निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा सकेंगी। हालांकि, मुख्य सड़क या कॉरिडोर का निर्माण इस कंपनी के कार्यक्षेत्र में शामिल नहीं होगा।

इन परियोजनाओं से औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलने और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की संभावना है। लेकिन इसका वास्तविक लाभ निवेश की गति, भूमि उपलब्धता, बुनियादी सुविधाओं और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर योजना को मंजूरी

कैबिनेट का दूसरा महत्वपूर्ण फैसला खरीफ वर्ष 2026 के सोयाबीन उत्पादक किसानों से जुड़ा है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के अंतर्गत प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम के अनुरूप भावांतर भुगतान योजना लागू करने की स्वीकृति दी गई है।

योजना का उद्देश्य बाजार में सोयाबीन का बिक्री मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम रहने की स्थिति में निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को अंतर की राशि उपलब्ध कराना है।

किसानों के लिए पंजीयन और बिक्री की तारीखें

सरकार द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए सोयाबीन उत्पादक किसानों को खाद्य विभाग के ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन कराना अनिवार्य है। अधिसूचित मंडियों में योजना के अंतर्गत बिक्री की अवधि 22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस अवधि में संशोधन किया जा सकता है।

योजना के तहत पात्र मात्रा का निर्धारण पंजीकृत रकबे और पिछले वर्ष के लिए निर्धारित राज्य स्तरीय औसत उत्पादकता के आधार पर किया जाएगा। एक अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 के बीच मंडी में बेची गई सोयाबीन की मात्रा को भी कुल पात्रता की गणना में समायोजित किया जाएगा।

भावांतर राशि कैसे मिलेगी?

योजना में मॉडल रेट के आधार पर भुगतान की व्यवस्था की गई है। शुरुआती 14 दिनों के लिए प्रदेश की मंडियों के भारित औसत के आधार पर मॉडल रेट निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद पिछले 14 दिनों के भारित औसत के अनुसार प्रतिदिन मॉडल रेट तय करके ई-मंडी पोर्टल पर प्रदर्शित किया जाएगा।

यदि बिक्री मूल्य MSP के बराबर या उससे अधिक रहता है, तो भावांतर भुगतान नहीं मिलेगा। बिक्री मूल्य MSP से कम लेकिन मॉडल रेट से अधिक होने पर निर्धारित नियमों के अनुसार MSP और वास्तविक बिक्री मूल्य के बीच का अंतर दिया जाएगा। वहीं, बिक्री मूल्य मॉडल रेट के बराबर या उससे कम होने पर MSP और मॉडल रेट के अंतर के आधार पर भुगतान किया जाएगा।

राशि सीधे किसानों के पंजीकृत बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। भुगतान मंडी बोर्ड द्वारा किया जाएगा। इसके लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष का उपयोग होगा और आवश्यकता पड़ने पर राज्य सरकार मंडी बोर्ड को एक वर्ष के लिए 1,500 करोड़ रुपये की निःशुल्क साख सीमा उपलब्ध कराएगी।

किसानों के लिए जरूरी बात: पंजीयन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण पात्र किसान अपने दस्तावेज, बैंक विवरण और पंजीयन की स्थिति संबंधित विभाग या अधिकृत केंद्र से समय रहते सत्यापित कर लें।

सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3,076.37 करोड़ रुपये

प्रदेश के चार जिलों में सिंचाई सुविधाओं को जारी रखने और विस्तार देने के लिए 3,076.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से कृषि भूमि तक पानी पहुंचाने, सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने और किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है।

  • बुरहानपुर: झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 922.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे खकनार तहसील के 42 गांवों में लगभग 17,700 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने का लक्ष्य है।

  • रायसेन: बारना वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 82.49 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इसमें नहरों के विस्तार, सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण पर ध्यान दिया जाएगा। परियोजना से वर्तमान में लगभग 91,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है।

  • मंदसौर: कयामपुर-सीतामऊ दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 750.83 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। इससे लगभग 1,12,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

  • सिंगरौली: चितरंगी दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 1,320.14 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। परियोजना के अंतर्गत 32,125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

इन परियोजनाओं के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए किया जाएगा।

94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों को परिवहन सुविधा

जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों के परिवहन के लिए 241.88 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, परिवहन की दर 10,000 रुपये प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति विद्यार्थी प्रतिवर्ष की जाएगी। इसके साथ हर वर्ष पांच प्रतिशत मूल्य वृद्धि का प्रावधान भी रखा गया है।

परिवहन व्यवस्था आउटसोर्सिंग, आईटी आधारित प्लेटफॉर्म और निगरानी प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए स्कूल आने-जाने की सुविधा को बेहतर बनाना है। इसके प्रभाव का आकलन वास्तविक परिवहन उपलब्धता, सुरक्षा और समयबद्ध सेवा के आधार पर किया जा सकेगा।

चार जिलों में महिला एवं बाल विकास कार्यालयों की स्थापना

निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय स्थापित करने के लिए 24 नए पदों के सृजन और संबंधित पदों की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृति के अनुरूप आउटसोर्स आधार पर मानव संसाधन की व्यवस्था का प्रावधान भी किया गया है।

इन कार्यालयों की स्थापना से संबंधित जिलों में विभागीय कामकाज, योजनाओं के समन्वय और प्रशासनिक निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा और न्यायिक व्यवस्था के लिए बड़े वित्तीय प्रावधान

सरकार ने शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण एवं विस्तार के लिए 2,875.20 करोड़ रुपये की योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।

प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन 7,122 हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं। योजना के तहत शिक्षण कक्ष, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, स्टाफ रूम, परिसर और विद्यार्थियों के लिए फर्नीचर जैसी सुविधाओं के विकास का प्रावधान है। इंटरैक्टिव पैनल, ग्रीन बोर्ड और सुरक्षा कैमरों जैसी सुविधाएं भी योजना का हिस्सा हैं।

विधि एवं विधायी कार्य विभाग की विभिन्न योजनाओं को 16वें वित्त आयोग की अवधि, यानी एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 15,557.35 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। इसमें न्यायालयों के संचालन, न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन-भत्तों, न्यायालय भवनों के निर्माण तथा विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए राशि शामिल है।

आयुष चिकित्सा और राष्ट्रीय आयुष मिशन को मंजूरी

आयुष क्षेत्र में चिकित्सा संस्थानों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

राष्ट्रीय आयुष मिशन को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,697.62 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों से संबंधित अम्ब्रेला योजना के लिए 3,535 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।

अम्ब्रेला योजना में आयुर्वेद महाविद्यालयों के लिए 3,072.54 करोड़ रुपये, शासकीय होम्योपैथी महाविद्यालय के लिए 280.05 करोड़ रुपये और यूनानी महाविद्यालय के लिए 182.20 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। इसके अंतर्गत महाविद्यालयों की स्थापना, संचालन और भवन निर्माण से संबंधित खर्च किए जाएंगे।

राज्य सूचना आयोग के लिए 71.81 करोड़ रुपये

मंत्रि-परिषद ने राज्य सूचना आयोग की स्थापना और विभागीय परिसंपत्तियों के रखरखाव से संबंधित योजनाओं को 2030-31 तक जारी रखने के लिए 71.81 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के लिए 69.61 करोड़ रुपये तथा परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए 2.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।

यह प्रावधान सूचना आयोग के प्रशासनिक संचालन को जारी रखने के उद्देश्य से किया गया है।

मध्य प्रदेश के विकास पर फैसलों का क्या होगा असर?

कैबिनेट के इन निर्णयों में उद्योग, कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर से औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की संभावना है, जबकि भावांतर योजना का उद्देश्य सोयाबीन उत्पादकों को बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव से राहत देना है।

सिंचाई परियोजनाओं और विद्यालयों के लिए स्वीकृत राशि का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब बजट का समय पर उपयोग हो, परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी हों और संबंधित विभाग पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित करें।

किसानों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण विषय भावांतर योजना का पंजीयन और उसके नियमों की जानकारी है। वहीं, औद्योगिक कॉरिडोर से रोजगार और निवेश संबंधी परिणामों का आकलन आने वाले समय में परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर किया जाएगा।

आधिकारिक जानकारी के लिए उपयोगी लिंक:

भावांतर योजना की पात्रता, पंजीयन, बिक्री अवधि और भुगतान संबंधी अंतिम जानकारी के लिए संबंधित विभाग की नवीनतम अधिसूचना और अधिकृत पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों को प्राथमिकता दें।

Written & Edited By: ADIL AZIZ

(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ) PUBLIC SAB JANTI HAI

Email: publicnewsviews1@gmail.com


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