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कैमोर में सड़क पर निर्माण सामग्री और खुली नाली से हादसे का खतरा, दशहरा पर्व में भी सुरक्षा इंतजाम पर सवाल

 



कैमोर (कटनी), मध्य प्रदेश। पेट्रोल पंप से एवरेस्ट रामलीला ग्राउंड की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे नाली निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों ने चिंता जताई है। सड़क के पास निर्माण सामग्री रखे जाने और निर्माण स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक तथा प्रकाश व्यवस्था की जरूरत के बीच राहगीरों की सुरक्षा का सवाल उठ रहा है। दशहरा पर्व के दौरान रामलीला कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए लोगों की आवाजाही बढ़ने से यह चिंता और महत्वपूर्ण हो गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, संबंधित मार्ग पर भारी वाहनों के साथ स्कूली बच्चों, कंपनी में कार्यरत मजदूरों, आसपास के ग्रामीणों और शहरवासियों का नियमित आवागमन रहता है। ऐसे में सड़क किनारे बिखरी निर्माण सामग्री और खुली नाली दुर्घटना का कारण बन सकती है। नागरिकों ने संबंधित कंपनी प्रबंधन और निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित कराने की मांग की है।

कैमोर में एवरेस्ट रामलीला ग्राउंड मार्ग पर नाली निर्माण और सड़क किनारे निर्माण सामग्री से सुरक्षा का खतरा


कैमोर में नाली निर्माण के दौरान सड़क सुरक्षा का मुद्दा

पेट्रोल पंप से एवरेस्ट रामलीला ग्राउंड की ओर जाने वाले मार्ग से लगी एवरेस्ट फाइबर सीट निर्माण कंपनी के अधिकारियों की आवासीय कॉलोनी में इन दिनों नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान सड़क के आसपास सामग्री रखे जाने से आवागमन करने वाले लोगों को परेशानी और संभावित जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि व्यस्त मार्ग पर निर्माण कार्य के लिए निर्धारित स्थान को सुरक्षित तरीके से अलग करना जरूरी है। यदि सड़क और निर्माण स्थल के बीच स्पष्ट दूरी, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं होगी, तो वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के लिए खतरा बढ़ सकता है।

विशेषकर रात के समय कम रोशनी में निर्माण स्थल का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में निर्माण क्षेत्र को स्पष्ट रूप से चिह्नित करने और वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखने की जरूरत है।

छह महीने पहले खुली नाली में गिरने से गाय की मौत का दावा

स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले इसी क्षेत्र में एक गाय खुली नाली में गिर गई थी। बताया जाता है कि गाय नाली से बाहर नहीं निकल सकी और उसकी मौत हो गई थी। इस घटना का स्वतंत्र सत्यापन उपलब्ध नहीं है, लेकिन स्थानीय नागरिक इसे खुले नालों से जुड़े जोखिम के उदाहरण के रूप में सामने रख रहे हैं।

नाली निर्माण के दौरान सुरक्षा उपायों की अनदेखी होने पर केवल पशुओं ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोगों और दोपहिया वाहन चालकों को भी खतरा हो सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए ऐसी जगहों पर अतिरिक्त सावधानी आवश्यक है।

नागरिकों का कहना है कि पिछली घटना से सबक लेते हुए निर्माण स्थल को सुरक्षित बनाया जाना चाहिए, ताकि किसी नई दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।

दशहरा पर्व में रात तक बढ़ सकती है लोगों की आवाजाही

दशहरा पर्व के दौरान एवरेस्ट रामलीला ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रमों के कारण इस मार्ग पर शाम और रात के समय भी लोगों का आवागमन बना रहता है। कार्यक्रम देखने जाने वाले परिवारों, बच्चों और ग्रामीणों की आवाजाही के बीच सड़क किनारे निर्माण सामग्री तथा खुली नाली अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकती है।

त्योहारों के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में किसी मार्ग पर अचानक भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में केवल दिन के समय सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। रात में स्पष्ट दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टिव संकेतक, चेतावनी बोर्ड और उचित प्रकाश व्यवस्था दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद कर सकते हैं।

स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि दशहरा कार्यक्रमों के दौरान इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए और निर्माण स्थल के आसपास से गुजरने वाले लोगों को सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराया जाए।

कंपनी प्रबंधन और सुरक्षा विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने एवरेस्ट फाइबर सीट निर्माण कंपनी के प्रबंधक, एचआर प्रमुख और सुरक्षा विभाग से निर्माण स्थल का निरीक्षण करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी निभाने के साथ आसपास से गुजरने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

नागरिकों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री को व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान पर रखा जाए।

  • खुली नाली तथा निर्माण क्षेत्र के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग की जाए।

  • पर्याप्त दूरी पर चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टिव संकेतक लगाए जाएं।

  • रात के समय स्पष्ट दिखाई देने वाली प्रकाश व्यवस्था की जाए।

  • स्कूली बच्चों, पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

  • निर्माण कार्य की प्रगति के साथ सुरक्षा व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाए।

इन उपायों से निर्माण कार्य भी व्यवस्थित तरीके से जारी रह सकता है और आम नागरिकों के लिए जोखिम कम किया जा सकता है।

सड़क निर्माण और कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर क्या कहते हैं आधिकारिक दिशा-निर्देश?

सड़क सुरक्षा के लिए निर्माण क्षेत्र को सामान्य यातायात से सुरक्षित तरीके से अलग करना महत्वपूर्ण है। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्माण कार्य के दौरान बैरिकेडिंग और सड़क सुरक्षा उपायों के महत्व को स्पष्ट किया है। मंत्रालय से संबंधित जानकारी के अनुसार, निर्माण क्षेत्र और नियमित यातायात के बीच सुरक्षित पृथक्करण दुर्घटनाओं की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसके अलावा, मंत्रालय की वेबसाइट पर सड़क संकेतकों, सड़क चिह्नों और अन्य सुरक्षा उपायों से जुड़े दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं। हालांकि, किसी विशेष नियम की लागू होने की स्थिति संबंधित सड़क, निर्माण एजेंसी और कार्य की प्रकृति पर निर्भर कर सकती है।

आधिकारिक जानकारी के लिए पाठक इन स्रोतों को देख सकते हैं:

जिम्मेदार विभागों की निगरानी क्यों जरूरी?

निर्माण स्थल की सुरक्षा केवल चेतावनी बोर्ड लगाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। मौके की स्थिति के अनुसार बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षित पैदल मार्ग और निर्माण सामग्री के व्यवस्थित भंडारण जैसे उपाय जरूरी हो सकते हैं।

यदि संबंधित सड़क सार्वजनिक उपयोग में है, तो स्थानीय प्रशासन और संबंधित सड़क प्राधिकरण अपने अधिकार क्षेत्र के अनुसार स्थिति का निरीक्षण कर सकते हैं। वहीं, कंपनी प्रबंधन और निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार पक्षों से भी अपेक्षा है कि वे संभावित जोखिमों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाएं।

इस मामले में निर्माण कार्य की जिम्मेदारी किस एजेंसी के पास है और स्थल पर कौन-कौन से सुरक्षा उपाय पहले से मौजूद हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना भी जरूरी है।

हादसा होने के बाद नहीं, पहले होनी चाहिए कार्रवाई

कैमोर के इस मार्ग को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए समय रहते पर्याप्त कदम उठाए जाएंगे? जब किसी रास्ते से भारी वाहन, स्कूली बच्चे, मजदूर और आम नागरिक गुजरते हों, तो निर्माण स्थल की सुरक्षा को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारी मौके का निरीक्षण कर कमियों को दूर करें। निर्माण सामग्री को सुरक्षित स्थान पर व्यवस्थित करने, खुली नाली के आसपास बैरिकेडिंग लगाने और रात में पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने जैसे कदम तत्काल राहत दे सकते हैं।

फिलहाल, संबंधित कंपनी प्रबंधन या प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है। मौके की वास्तविक स्थिति और उठाए गए कदमों की पुष्टि संबंधित पक्षों के बयान तथा निरीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

जनहित का सवाल: कैमोर के व्यस्त मार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। समय रहते उचित इंतजाम किए जाने से संभावित हादसों को रोका जा सकता है।

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Written & Edited By: ADIL AZIZ
Report: SUNIL SINGOTE / SANTSHARAN SINGH

(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ) PUBLIC SAB JANTI HAI

Email: publicnewsviews1@gmail.com

प्रकाशन दिनांक: 14 अक्टूबर 2026
समय: रात 9:51 बजे (भारतीय समय)

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