कैमोर में शासकीय उचित मूल्य दुकान खोलने से रोकने का आरोप, सेल्समैन कलेक्ट्रेट पहुंचे
कैमोर/कटनी। कैमोर क्षेत्र में शासकीय उचित मूल्य दुकान से राशन वितरण को लेकर विवाद सामने आया है। जय मां बिरासिनी शासकीय उचित मूल्य दुकान के सेल्समैन दीपक नमरेइया ने स्थानीय लोगों पर दुकान खोलने और राशन वितरण शुरू करने से रोकने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर सेल्समैन अब कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने और उचित कार्रवाई की मांग करने की तैयारी में हैं।
सेल्समैन के अनुसार, उन्हें विजयराघवगढ़ क्षेत्र की जय मां बिरासिनी शासकीय उचित मूल्य दुकान के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1, 8, 5 और 6 में राशन वितरण का कार्य सौंपा गया है। उनका कहना है कि अगस्त महीने में वार्ड क्रमांक 1 और 8 में राशन वितरण का कार्य पूरा किया जा चुका था। इसके बाद जब वे वार्ड क्रमांक 5 और 6 के हितग्राहियों को राशन वितरित करने के लिए दुकान खोलने पहुंचे, तो स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया।
कैमोर में राशन वितरण को लेकर क्या है विवाद?
दीपक नमरेइया के मुताबिक, स्थानीय लोगों की मांग थी कि पहले पिछले तीन महीनों की लंबित राशन पर्चियों का खाद्यान्न वितरित किया जाए। उनका कहना था कि जब तक पुराने लंबित राशन का वितरण नहीं किया जाता, तब तक अगले महीने का राशन वितरण शुरू नहीं किया जाना चाहिए।
सेल्समैन का आरोप है कि उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को समझाने का प्रयास किया और राशन वितरण की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन विरोध जारी रहा। इसके चलते वह दुकान का ताला नहीं खोल सके और राशन वितरण की प्रक्रिया प्रभावित हो गई।
हालांकि, इस मामले में स्थानीय लोगों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। इसलिए उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। प्रशासनिक जांच या संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
दुकान नहीं खुलने से राशन लेने पहुंचे हितग्राही प्रभावित
उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से पात्र राशन कार्डधारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में किसी दुकान पर वितरण रुकने का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ सकता है जो निर्धारित समय में अपना राशन लेने पहुंचते हैं।
मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न की उपलब्धता और उसके नियमित वितरण की व्यवस्था की जाती है। सरकारी जानकारी के मुताबिक, खाद्यान्न को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाया जाता है और हितग्राहियों को उनकी पात्रता के आधार पर वितरण किया जाता है। (MPSC SC)
ऐसे में कैमोर के वार्ड क्रमांक 5 और 6 में राशन वितरण को लेकर सामने आए विवाद में यह महत्वपूर्ण होगा कि लंबित पर्चियों का मामला क्या है, उनके वितरण की स्थिति क्या है और वर्तमान माह के राशन वितरण के संबंध में विभागीय निर्देश क्या हैं।
सेल्समैन ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को दी जानकारी
विवाद बढ़ने के बाद सेल्समैन दीपक नमरेइया कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देने का निर्णय लिया है, ताकि राशन वितरण को लेकर उत्पन्न स्थिति का प्रशासनिक स्तर पर समाधान हो सके।
उनकी मांग है कि मामले की जांच की जाए और राशन वितरण में आ रही बाधा को दूर कराया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में परेशानी न हो।
यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी भी व्यक्ति या पक्ष पर लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। संबंधित स्थानीय लोगों, दुकान से जुड़े अधिकारियों और खाद्य विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही विवाद की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तय व्यवस्था के अनुसार होता है राशन वितरण
मध्य प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के संचालन के लिए खाद्य विभाग और संबंधित सरकारी एजेंसियों द्वारा व्यवस्था निर्धारित की गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न की आपूर्ति, आवंटन और वितरण के लिए अलग-अलग स्तर पर प्रक्रिया निर्धारित है। (MPSC SC)
मध्य प्रदेश के ई-पॉस आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली पोर्टल पर राशन दुकानों, स्टॉक, बिक्री रजिस्टर, वितरण स्थिति और अन्य संबंधित रिपोर्टों की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है। पोर्टल पर अगस्त 2026 के लिए PDS लेन-देन से संबंधित आंकड़े भी प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
इस डिजिटल व्यवस्था के कारण किसी उचित मूल्य दुकान पर राशन वितरण की वास्तविक स्थिति की जांच रिकॉर्ड और संबंधित रिपोर्टों के माध्यम से भी की जा सकती है।
लंबित राशन पर्चियों की जांच से सामने आ सकती है वास्तविक स्थिति
कैमोर के इस मामले में सबसे अहम सवाल पिछले तीन महीनों की कथित लंबित राशन पर्चियों को लेकर है। यदि वास्तव में किसी हितग्राही का राशन लंबित है, तो उसका कारण क्या है और संबंधित रिकॉर्ड में उसकी स्थिति क्या दर्ज है—यह प्रशासनिक जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
दूसरी ओर, यदि पुराने राशन का वितरण नियमों के अनुसार किया जा चुका है, तो वर्तमान माह के वितरण को रोकने का कारण भी प्रशासन के सामने स्पष्ट किया जाना जरूरी होगा।
सरकारी ई-पॉस पोर्टल पर स्टॉक, बिक्री और वितरण से संबंधित अलग-अलग रिपोर्ट उपलब्ध हैं। ऐसे रिकॉर्ड के आधार पर संबंधित अधिकारी मामले की स्थिति की जांच कर सकते हैं।
प्रशासन के सामने अब क्या है चुनौती?
कैमोर में सामने आए विवाद में प्रशासन के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं। पहली, राशन वितरण को लेकर उत्पन्न विवाद की वास्तविक स्थिति की जांच करना और दूसरी, पात्र हितग्राहियों को राशन मिलने में किसी तरह की अनावश्यक बाधा न आने देना।
यदि दुकान खोलने में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न हुई है, तो उसके कारणों की जांच भी आवश्यक होगी। वहीं, यदि हितग्राहियों की कोई वास्तविक शिकायत लंबित है, तो उसका निराकरण भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी।
मामले में आगे की कार्रवाई प्रशासन और खाद्य विभाग की जांच तथा दोनों पक्षों के बयान के आधार पर तय होने की उम्मीद है।
सरकारी नियम और आधिकारिक जानकारी कहां देखें?
सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित नियम, अधिनियम और सरकारी व्यवस्थाओं की जानकारी के लिए पाठक मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नियम एवं अधिनियम अनुभाग देख सकते हैं। मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन – नियम एवं अधिनियम
राशन वितरण, PDS लेन-देन, उचित मूल्य दुकान, स्टॉक और वितरण संबंधी ऑनलाइन जानकारी के लिए मध्य प्रदेश के आधिकारिक ई-पॉस पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। मध्य प्रदेश ई-पॉस सार्वजनिक वितरण प्रणाली पोर्टल
कैमोर में जय मां बिरासिनी शासकीय उचित मूल्य दुकान को लेकर सामने आया विवाद राशन वितरण व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थानीय मामला है। सेल्समैन दीपक नमरेइया ने स्थानीय लोगों पर दुकान खोलने से रोकने का आरोप लगाया है, जबकि स्थानीय लोगों का पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
अब निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर है। यदि कलेक्ट्रेट और खाद्य विभाग मामले की जांच करते हैं, तो लंबित राशन पर्चियों, दुकान के रिकॉर्ड, ई-पॉस लेन-देन और संबंधित हितग्राहियों की शिकायतों की स्थिति सामने आ सकती है। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राशन वितरण में वास्तविक बाधा किस स्तर पर और किस कारण से उत्पन्न हुई।
रिपोर्ट : सुनील सिंगोते, कैमोर
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ) PUBLIC SAB JANTI HAI
Written & Edited By : ADIL AZIZ
Email : publicnewsviews1@gmail.com
प्रकाशन दिनांक : 03 सितंबर 2026
समय : 03:27 PM IST
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कैमोर में शासकीय उचित मूल्य दुकान खोलने से रोकने का आरोप लगा है। सेल्समैन दीपक नमरेइया कलेक्ट्रेट पहुंचे, राशन वितरण विवाद की जांच की मांग की।
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