Translate

Public Breaking

कटनी नगर निगम उप निर्वाचन 2026: वार्ड 41 के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त, चुनावी क्षेत्रों में धारा 163 के तहत सख्ती

 



कटनी, 1 सितंबर 2026। नगर पालिक निगम कटनी के वार्ड क्रमांक 41 में पार्षद पद के उप निर्वाचन 2026 को लेकर प्रशासन ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्वाचन और मतगणना की प्रक्रिया के लिए रिटर्निंग ऑफिसर एवं सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति कर दी गई है। इसके साथ ही जिले के संबंधित नगरीय एवं पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किया गया है।

जारी आदेश के अनुसार कलेक्टर आशीष तिवारी को रिटर्निंग ऑफिसर तथा संयुक्त कलेक्टर एवं एसडीएम कटनी जितेन्द्र कुमार पटेल को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। वार्ड 41 के पार्षद पद के उप निर्वाचन के लिए नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की कार्रवाई कलेक्टर कार्यालय के प्रथम तल स्थित कक्ष क्रमांक 60 में की जाएगी।

दूसरी ओर, निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने के साथ संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। इसी क्रम में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश निर्वाचन परिणाम की घोषणा तक प्रभावशील रहेगा। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता में धारा 163 तत्काल खतरे या लोक व्यवस्था से जुड़े मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति से संबंधित है। (India Code)

कटनी वार्ड 41 उप निर्वाचन के लिए अधिकारियों की नियुक्ति

नगर निगम कटनी के आचार्य कृपलानी वार्ड क्रमांक 41 में पार्षद पद के उप निर्वाचन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई हैं।

रिटर्निंग ऑफिसर के रूप में कलेक्टर आशीष तिवारी निर्वाचन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, जबकि संयुक्त कलेक्टर एवं एसडीएम कटनी जितेन्द्र कुमार पटेल सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी संभालेंगे।

नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने के लिए कलेक्टर कार्यालय के प्रथम तल पर स्थित कक्ष क्रमांक 60 निर्धारित किया गया है। इससे स्पष्ट है कि चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार संचालित किया जाएगा।

नामांकन प्रक्रिया के लिए विशेष व्यवस्था

वार्ड 41 से चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों को नाम निर्देशन से संबंधित प्रक्रिया निर्धारित कार्यालय में पूरी करनी होगी। निर्वाचन संबंधी दस्तावेज, नामांकन और अन्य प्रक्रियाओं के लिए संबंधित अभ्यर्थियों को निर्वाचन अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा।

चुनाव प्रक्रिया में समय-सीमा का विशेष महत्व होता है। इसलिए अभ्यर्थियों और उनके समर्थकों के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और अनुमतियों का पालन करना आवश्यक रहेगा।

पंचायत उप निर्वाचन क्षेत्रों में भी लागू रहेगा प्रतिबंधात्मक आदेश

प्रतिबंधात्मक आदेश केवल नगर निगम के वार्ड 41 तक सीमित नहीं है। जिले के विभिन्न पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में भी इसके प्रावधान लागू किए गए हैं।

जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत भेड़ा में सरपंच पद तथा सलैया कुंआ वार्ड क्रमांक 8, सिंदुरसी वार्ड क्रमांक 3, किवलहरा वार्ड क्रमांक 5 और तिहारी वार्ड क्रमांक 8 में पंच पद के निर्वाचन क्षेत्रों को आदेश के दायरे में रखा गया है।

इसी तरह जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत घाना में सरपंच पद और गोपालपुर वार्ड क्रमांक 8 में पंच पद का निर्वाचन क्षेत्र भी प्रतिबंधात्मक प्रावधानों के अंतर्गत रहेगा।

इन क्षेत्रों में भी प्रभावी रहेगा आदेश

जनपद पंचायत बड़वारा की ग्राम पंचायत बम्हौरी वार्ड क्रमांक 2, लुहरवारा वार्ड क्रमांक 9, कुम्हवारा वार्ड क्रमांक 10, जगुवा वार्ड क्रमांक 5, बिजौरी वार्ड क्रमांक 8 और बंदरी वार्ड क्रमांक 1 में भी आदेश प्रभावशील रहेगा।

वहीं जनपद पंचायत कटनी के ग्राम पंचायत बड़खेरा वार्ड क्रमांक 9 और कछगवां जोबा वार्ड क्रमांक 8 को भी इसके अंतर्गत शामिल किया गया है।

जनपद पंचायत रीठी के अमगवां वार्ड क्रमांक 3, ढुढरी वार्ड क्रमांक 11, देवगांव वार्ड क्रमांक 2, बिरूहली वार्ड क्रमांक 10, सुगवां वार्ड क्रमांक 7 और रैपुरा वार्ड क्रमांक 11 में भी प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू रहेंगे।

जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ की ग्राम पंचायत इटौरा वार्ड क्रमांक 10, सिजहरा वार्ड क्रमांक 2 और धवैया वार्ड क्रमांक 3 भी आदेश के दायरे में हैं।

सरपंच पद के निर्वाचन वाले जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत घाना तथा जनपद पंचायत बहोरीबंद की ग्राम पंचायत भेड़ा की संपूर्ण भौगोलिक सीमा में भी ये प्रावधान प्रभावी रहेंगे।

धारदार हथियारों के प्रदर्शन पर रहेगा प्रतिबंध

चुनावी प्रचार के दौरान कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त प्रावधान किए हैं। निर्वाचन प्रचार, रैली अथवा सभा में घातक या धारदार हथियार लेकर आने-जाने, सार्वजनिक स्थान पर उनका उपयोग करने अथवा प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी।

आदेश में फरसा, बल्लम, तलवार, भाला, चाकू, छुरा, कुल्हाड़ी, गुप्ती, बरछी और त्रिशूल सहित विभिन्न धारदार हथियारों का उल्लेख किया गया है।

इसका सीधा उद्देश्य चुनावी माहौल में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या को रोकना है।

बिना अनुमति सभा, जुलूस और लाउडस्पीकर पर रोक

चुनावी प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों या किसी व्यक्ति द्वारा सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना आमसभा, जुलूस, प्रदर्शन या ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

अनधिकृत आयोजन और जुलूस निकालने के अलावा आपत्तिजनक नारेबाजी तथा आपत्तिजनक पोस्टर-पंपलेट के वितरण पर भी रोक रहेगी।

धार्मिक स्थलों को लेकर भी आदेश में स्पष्ट प्रावधान किया गया है। निर्वाचन क्षेत्र के किसी धार्मिक स्थल पर राजनीतिक दल या व्यक्ति द्वारा आमसभा आयोजित करने अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने पर प्रतिबंध रहेगा।

चुनाव प्रचार में अनुमति का महत्व

इस आदेश का व्यावहारिक अर्थ यह है कि चुनावी गतिविधियों के लिए केवल प्रचार करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि जहां अनुमति आवश्यक है वहां संबंधित सक्षम अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी होगा।

राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को प्रचार कार्यक्रम आयोजित करने से पहले लागू प्रशासनिक नियमों की जानकारी लेना और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

सरकारी और निजी संपत्ति पर भी प्रचार सामग्री लगाने पर रोक

चुनाव प्रचार सामग्री को लेकर भी प्रशासन ने स्पष्ट प्रतिबंध लगाए हैं। सार्वजनिक, शासकीय और अर्द्धशासकीय संपत्तियों, भवनों, भूमि, परिसरों या अन्य संरचनाओं पर पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन, निर्वाचन प्रतीक, झंडे अथवा अन्य प्रचार सामग्री लगाने की अनुमति नहीं होगी।

निजी संपत्ति भी इससे पूरी तरह मुक्त नहीं है। निजी संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए संपत्ति स्वामी की लिखित अनुमति आवश्यक होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक स्थानों और संपत्तियों के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकना है।

निर्वाचन परिणाम तक प्रभावी रहेगा आदेश

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश निर्वाचन परिणाम की घोषणा तक प्रभावशील रहेगा। संबंधित थाना प्रभारियों, राजस्व अधिकारियों तथा नगरीय और ग्रामीण निकायों के सक्षम अधिकारियों को आदेश की जानकारी आमजन और संबंधित पक्षों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने संबंधित कार्यालयों के सूचना पटल पर आदेश प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि निर्वाचन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिक, प्रत्याशी और राजनीतिक दल लागू प्रावधानों से अवगत रह सकें।

आदेश का उल्लंघन करने पर कार्रवाई

प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन को लेकर भी स्पष्ट चेतावनी दी है। उपलब्ध आदेश के अनुसार उल्लंघन की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि धारा 163 का इस्तेमाल प्रशासन द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने के लिए किया गया है, जबकि आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए संबंधित दंडात्मक प्रावधान लागू हो सकते हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 का आधिकारिक विवरण भारत सरकार के India Code पोर्टल पर उपलब्ध है। (India Code)

आधिकारिक कानूनी संदर्भ:
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 – India Code

निर्वाचन संबंधी आधिकारिक जानकारी के लिए:
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग

चुनावी माहौल में प्रशासन की दोहरी तैयारी

कटनी में वार्ड 41 के उप निर्वाचन के लिए निर्वाचन अधिकारियों की नियुक्ति और दूसरी ओर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जाने से प्रशासन की तैयारियों के दो अलग पहलू सामने आते हैं।

पहला पहलू चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है, जिसके लिए रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति की गई है। दूसरा पहलू चुनाव के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, जिसके लिए प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू किए गए हैं।

इसका असर केवल प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों पर नहीं, बल्कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों पर भी पड़ेगा। विशेष रूप से सभा, जुलूस, लाउडस्पीकर, प्रचार सामग्री और हथियारों से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

कटनी नगर निगम वार्ड क्रमांक 41 उप निर्वाचन 2026 की प्रशासनिक तैयारियां अब औपचारिक रूप से आगे बढ़ गई हैं। रिटर्निंग ऑफिसर और सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति के साथ नामांकन प्रक्रिया के लिए स्थान भी निर्धारित कर दिया गया है।

वहीं जिले के संबंधित नगरीय एवं पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने से चुनावी गतिविधियों के लिए नियम और अधिक स्पष्ट हो गए हैं। बिना अनुमति सभा-जुलूस, लाउडस्पीकर, आपत्तिजनक प्रचार सामग्री और हथियारों के प्रदर्शन पर रोक का उद्देश्य शांतिपूर्ण निर्वाचन वातावरण बनाए रखना है।

अब आगामी चुनावी प्रक्रिया में प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों और आम नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही होगी कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करें, ताकि निर्वाचन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।



कटनी जिले के अन्य चुनावी समाचार:
[ Katni  News]


कटनी नगर निगम वार्ड 41 उप निर्वाचन 2026 की प्रशासनिक तैयारियां और चुनावी प्रतिबंधात्मक आदेश


कटनी नगर निगम उप निर्वाचन 2026

कटनी वार्ड 41 चुनाव, कटनी उप चुनाव 2026, वार्ड 41 पार्षद चुनाव, कटनी नगर निगम चुनाव, कटनी चुनावी प्रतिबंध, धारा 163 कटनी, रिटर्निंग ऑफिसर कटनी, आशीष तिवारी, चुनावी आचार संहिता कटनी

कटनी नगर निगम वार्ड 41 उप निर्वाचन 2026 के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त हुए। धारा 163 के तहत सभा-जुलूस, हथियार और प्रचार पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

कटनी वार्ड 41 उप चुनाव में प्रशासन ने कड़े प्रतिबंध लगाए


Katni News, Katni Election, Ward 41 Election, Katni Municipal Corporation, MP Election 2026, By Election 2026, Madhya Pradesh News, Election Code, Returning Officer, Local Election, Katni Municipal Election

Written & Edited By: ADIL AZIZ
जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ
PUBLIC SAB JANTI HAI
Email: publicnewsviews1@gmail.com

Date & Time: 01 September 2026 | 10:47 PM IST

संपादकीय नोट: आपने दिए मूल समाचार में “धारा 163” और “धारा 223” का उल्लेख है। मैंने इसे उसी आधार पर रखा है, लेकिन कानूनी संदर्भ के लिए आधिकारिक India Code स्रोत भी जोड़ा है। BNSS में धारा 163 वास्तव में urgent cases of nuisance/apprehended danger से संबंधित है। (India Code)

कोई टिप्पणी नहीं