एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षकों की भर्ती का आदेश जारी, एनएसयूआई ने इसे बताया छात्रों के संघर्ष की जीत
कटनी | 23 अगस्त 2026 | समय: 05:40 PM IST
एनकेजे रेलवे स्कूल शिक्षक भर्ती
एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षकों की कमी के मुद्दे पर एनएसयूआई के आंदोलन के बाद 20 अगस्त को संविदा शिक्षकों की भर्ती का आदेश जारी हुआ।
एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षक भर्ती का आदेश

एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षकों की भर्ती और एनएसयूआई आंदोलन
Written & Edited By: ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट
कटनी। एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षकों की कमी का मुद्दा अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की शिकायत को लेकर एनएसयूआई जिला कटनी द्वारा किए गए आंदोलन के बाद रेलवे प्रशासन की ओर से संविदा शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एनएसयूआई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संगठन ने जिला अध्यक्ष अजय खटिक के नेतृत्व में छात्रों के साथ स्कूल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान रेलवे प्रशासन को एक माह के भीतर शिक्षकों की कमी दूर करने का अल्टीमेटम दिया गया था।
अब एनएसयूआई ने रेलवे की ओर से जारी आदेश को अपने आंदोलन की सफलता बताया है।
20 अगस्त को रेलवे ने जारी किया नियुक्ति आदेश
एनएसयूआई के अनुसार, पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, जबलपुर द्वारा 20 अगस्त 2026 को कार्यालय आदेश क्रमांक 1112/2026 जारी किया गया। प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि इस आदेश के माध्यम से एनकेजे रेलवे स्कूल के लिए विभिन्न श्रेणियों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
बताया गया है कि नियुक्तियों में पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी सहित विभिन्न शिक्षक पद शामिल हैं।
हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में नियुक्त किए गए शिक्षकों की संख्या, विषयवार पद और प्रत्येक पद पर चयनित अभ्यर्थियों की पूरी सूची नहीं दी गई है। इसलिए इन विवरणों की पुष्टि संबंधित रेलवे आदेश की मूल प्रति से करना अधिक उचित होगा।
लंबे समय से शिक्षकों की कमी से प्रभावित थी पढ़ाई
एनएसयूआई का कहना है कि एनकेजे रेलवे स्कूल में कक्षा पहली से बारहवीं तक बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संगठन के मुताबिक शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होना केवल प्रशासनिक आवश्यकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता से सीधे जुड़ा विषय है। खासकर प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक अलग-अलग विषयों के लिए निर्धारित शिक्षकों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।
रेलवे स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और उनकी सेवा संबंधी व्यवस्था रेलवे प्रशासन के नियमों के तहत होती है। भारतीय रेलवे के आधिकारिक दस्तावेजों में रेलवे स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती तथा योग्यता संबंधी प्रावधानों का उल्लेख मिलता है।
आंदोलन के बाद मिला था लिखित आश्वासन
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदर्शन के बाद एनएसयूआई प्रतिनिधियों की रेलवे अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन के साथ चर्चा हुई थी। इस दौरान संगठन को लिखित आश्वासन दिया गया कि आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की भर्ती एक माह के भीतर की जाएगी।
एनएसयूआई का कहना है कि इसी आश्वासन के बाद रेलवे प्रशासन द्वारा संविदा शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया।
इस घटनाक्रम का महत्व इसलिए भी है क्योंकि किसी स्कूल में शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की कक्षा, विषयवार अध्ययन और परीक्षा की तैयारी पर पड़ सकता है।
अजय खटिक बोले—यह छात्रों और अभिभावकों की जीत
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अजय खटिक ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती का आदेश केवल संगठन की जीत नहीं है, बल्कि उन विद्यार्थियों और अभिभावकों की भी जीत है, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवाज उठाई।
उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी सड़क से लेकर प्रशासन तक अपनी आवाज उठाता रहेगा।
अजय खटिक के मुताबिक संगठन का उद्देश्य केवल आंदोलन करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना है। उनके अनुसार रेलवे द्वारा शिक्षकों की भर्ती का आदेश जारी होना इसी संघर्ष का परिणाम है।
रेलवे स्कूलों में संविदा शिक्षकों की व्यवस्था क्या है?
रेलवे स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार संविदा शिक्षकों की नियुक्ति की व्यवस्था पहले से मौजूद रही है। रेलवे बोर्ड के उपलब्ध दस्तावेजों में संविदा शिक्षकों के लिए पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी जैसी श्रेणियों तथा उनके पारिश्रमिक संबंधी दिशा-निर्देश दर्ज हैं।
विभिन्न रेलवे जोनों द्वारा जारी हालिया संविदा शिक्षक अधिसूचनाओं में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संविदा नियुक्ति नियमित रेलवे सेवा के समान नहीं होती और इससे नियमित नियुक्ति का स्वतः अधिकार नहीं मिलता। चयन संबंधित योग्यता, दस्तावेज और चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।
रेलवे बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रेलवे स्कूलों के शिक्षकों की योग्यता और भर्ती से संबंधित परिपत्र भी उपलब्ध हैं। 2025 में प्राथमिक शिक्षकों की न्यूनतम योग्यता से संबंधित संशोधन भी सूचीबद्ध है।
आधिकारिक जानकारी के लिए: Indian Railways – Railway Board
अब आगे क्या होगा?
शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि नियुक्त शिक्षक वास्तव में स्कूल में कब कार्यभार संभालते हैं और कितने विषयों की शिक्षकीय कमी पूरी होती है।
यदि नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होती हैं तो विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं में इसका सीधा लाभ मिल सकता है। वहीं स्कूल प्रबंधन और रेलवे प्रशासन के लिए यह भी जरूरी होगा कि विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित हो और कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हों।
एनएसयूआई ने भी स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, पर्याप्त शिक्षक और नियमित कक्षाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।
क्या यह पूरी तरह एनएसयूआई की जीत है?
राजनीतिक या संगठनात्मक दावे को अलग रखते हुए तथ्यात्मक रूप से इतना कहा जा सकता है कि शिक्षकों की कमी को लेकर आंदोलन हुआ और उसके बाद रेलवे की ओर से संविदा शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश जारी होने की बात सामने आई है।
लेकिन यह कहना कि नियुक्ति आदेश केवल आंदोलन के कारण ही जारी हुआ, एक राजनीतिक दावा है जिसकी स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि आवश्यक है। इसलिए समाचार में रेलवे के मूल आदेश, नियुक्त शिक्षकों की संख्या और पदवार विवरण को प्राथमिक स्रोत मानना सबसे उचित रहेगा।
फिलहाल विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर हो और पढ़ाई बिना व्यवधान के नियमित रूप से चल सके।
एनकेजे रेलवे स्कूल में शिक्षक भर्ती का आदेश जारी होना विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। एनएसयूआई ने इसे अपने आंदोलन की सफलता बताया है, जबकि वास्तविक प्रभाव इस बात से तय होगा कि नियुक्त शिक्षक कब कार्यभार संभालते हैं और स्कूल की विषयवार शिक्षकीय कमी कितनी दूर होती है।
शिक्षा से जुड़े किसी भी आंदोलन की अंतिम सफलता केवल आदेश जारी होने से नहीं, बल्कि कक्षाओं में नियमित शिक्षक और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था मिलने से तय होती है।
संबंधित आधिकारिक नियम एवं प्रक्रियाओं के लिए:
Railway Board – Official Circulars
नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति और रेलवे की सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नियमावली/दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। कार्यालय आदेश क्रमांक 1112/2026 की पूर्ण प्रति उपलब्ध होने पर नियुक्त शिक्षकों की संख्या, विषय और पदवार विवरण को अलग से सत्यापित किया जा सकता है।
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