कटनी जिले में अब तक 716.7 मिमी औसत बारिश, पिछले साल की तुलना में 21.7 फीसदी कम वर्षा
कटनी, 30 अगस्त 2026। कटनी जिले में मानसून के दौरान इस वर्ष अब तक औसत वर्षा पिछले साल की तुलना में कम दर्ज की गई है। जिले में 1 जून से 30 अगस्त 2026 तक 716.7 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। प्रशासन द्वारा जारी वर्षा संबंधी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 915.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज हुई थी।
इस तरह इस वर्ष अब तक जिले में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 199.1 मिलीमीटर कम औसत बारिश हुई है। प्रतिशत के लिहाज से देखें तो यह करीब 21.7 फीसदी कम वर्षा है। हालांकि, जिले की अलग-अलग तहसीलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। स्लीमनाबाद तहसील में इस वर्ष अब तक सबसे अधिक 1037.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
कटनी में अब तक 716.7 मिलीमीटर औसत वर्षा
जिला प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, कटनी जिले में 1 जून से 30 अगस्त तक कुल 716.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। मानसून की यह स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में कमजोर रही है।
पिछले वर्ष इसी अवधि में जिले में 915.8 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई थी। यानी इस साल अभी तक बारिश का आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में काफी नीचे है।
वर्षा के इन आंकड़ों से यह भी स्पष्ट होता है कि जिले में मानसून का वितरण तहसीलवार अलग-अलग रहा है। कुछ तहसीलों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में औसत वर्षा अपेक्षाकृत कम रही है।
स्लीमनाबाद में सबसे ज्यादा 1037.4 मिमी बारिश
इस वर्ष 30 अगस्त तक कटनी जिले की तहसीलों में स्लीमनाबाद तहसील में सबसे अधिक औसत वर्षा दर्ज की गई है। यहां अब तक कुल 1037.4 मिलीमीटर औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है।
स्लीमनाबाद का वर्षा आंकड़ा जिले के औसत 716.7 मिलीमीटर से काफी अधिक है। इससे पता चलता है कि जिले के भीतर भी बारिश का वितरण समान नहीं रहा है।
इसके बाद रीठी और ढीमरखेड़ा जैसे क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, तहसीलवार आंकड़ों में काफी अंतर देखने को मिल रहा है।
रीठी में 864.8 मिलीमीटर औसत बारिश
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार रीठी तहसील में 1 जून से 30 अगस्त तक 864.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है।
पिछले वर्ष इसी अवधि में रीठी तहसील में 1211.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज हुई थी। इस लिहाज से इस वर्ष रीठी में भी पिछले साल के मुकाबले बारिश कम रही है।
रीठी में दर्ज मौजूदा वर्षा जिले के औसत आंकड़े से अधिक है, लेकिन पिछले साल के स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।
ढीमरखेड़ा में 803.9 मिलीमीटर वर्षा
ढीमरखेड़ा तहसील में इस वर्ष अब तक 803.9 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है। यह भी जिले के औसत 716.7 मिलीमीटर से अधिक है।
वहीं कटनी तहसील में अब तक 640.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज हुई है। इसका मतलब है कि कटनी तहसील में दर्ज बारिश जिले के मौजूदा औसत से कम है।
अन्य तहसीलों में बारिश की स्थिति
जिले की अन्य तहसीलों में भी बारिश के आंकड़ों में अंतर देखने को मिला है। प्रशासन के अनुसार 30 अगस्त तक:
कटनी तहसील: 640.8 मिलीमीटर
रीठी तहसील: 864.8 मिलीमीटर
बड़वारा तहसील: 463.1 मिलीमीटर
बरही तहसील: 550.8 मिलीमीटर
विजयराघवगढ़ तहसील: 706.8 मिलीमीटर
बहोरीबंद तहसील: 661.8 मिलीमीटर
स्लीमनाबाद तहसील: 1037.4 मिलीमीटर
ढीमरखेड़ा तहसील: 803.9 मिलीमीटर
इन आंकड़ों में सबसे कम औसत वर्षा बड़वारा तहसील में 463.1 मिलीमीटर दर्ज हुई है, जबकि सबसे अधिक 1037.4 मिलीमीटर बारिश स्लीमनाबाद में हुई है।
पिछले साल रीठी में दर्ज हुई थी 1211.8 मिमी बारिश
प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी में पिछले वर्ष की समान अवधि का भी उल्लेख किया गया है। 1 जून से 30 अगस्त की आलोच्य अवधि में पिछले साल जिले में औसत वर्षा 915.8 मिलीमीटर दर्ज हुई थी।
इसी अवधि में रीठी तहसील में 1211.8 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। इस वर्ष रीठी में 864.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है।
इस तुलना से पता चलता है कि इस साल जिले के साथ-साथ रीठी क्षेत्र में भी पिछले वर्ष की तुलना में बारिश कम रही है।
21.7 फीसदी कम बारिश का क्या मतलब?
इस वर्ष जिले में अब तक दर्ज 716.7 मिलीमीटर औसत बारिश पिछले साल के 915.8 मिलीमीटर आंकड़े से 199.1 मिलीमीटर कम है। यह अंतर लगभग 21.7 फीसदी बैठता है।
हालांकि, केवल औसत बारिश के आंकड़े से पूरे मानसून की अंतिम स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। मानसून की शेष अवधि में होने वाली बारिश से कुल आंकड़ों में बदलाव संभव है।
बारिश की मात्रा के साथ उसका समय और वितरण भी महत्वपूर्ण होता है। लंबे अंतराल के बाद एक साथ हुई भारी बारिश और नियमित अंतराल पर हुई सामान्य बारिश का खेती, जलस्रोतों और स्थानीय जलभराव पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है।
किसानों और जलस्रोतों के लिए बारिश महत्वपूर्ण
कटनी जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में मानसून की स्थिति किसानों के लिए सीधे तौर पर महत्वपूर्ण रहती है। पर्याप्त और समय पर बारिश से खरीफ फसलों को लाभ मिलता है, जबकि बारिश में कमी होने पर सिंचाई और नमी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
इसी तरह बारिश का सीधा संबंध स्थानीय तालाबों, जलाशयों और भूजल स्तर से भी है। हालांकि, इन पर वास्तविक प्रभाव का आकलन केवल वर्षा के एक आंकड़े से नहीं किया जा सकता। इसके लिए क्षेत्रवार जलभराव, जलस्रोतों की स्थिति और आगे होने वाली बारिश को भी देखना जरूरी होगा।
तहसीलवार बारिश में बड़ा अंतर
30 अगस्त तक उपलब्ध आंकड़ों की सबसे खास बात तहसीलों के बीच बारिश का बड़ा अंतर है। स्लीमनाबाद में 1037.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि बड़वारा में यह आंकड़ा 463.1 मिलीमीटर रहा।
दोनों आंकड़ों के बीच 574.3 मिलीमीटर का अंतर है। इससे जिले में मानसूनी बारिश के असमान वितरण का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जिला प्रशासन की ओर से आगे भी वर्षा के आंकड़े जारी किए जाते रहेंगे। मानसून के आगामी दिनों में होने वाली बारिश के बाद जिले की औसत वर्षा की स्थिति में बदलाव हो सकता है।
तहसीलवार वर्षा एक नजर में
| तहसील | औसत वर्षा |
|---|---|
| कटनी | 640.8 मिमी |
| रीठी | 864.8 मिमी |
| बड़वारा | 463.1 मिमी |
| बरही | 550.8 मिमी |
| विजयराघवगढ़ | 706.8 मिमी |
| बहोरीबंद | 661.8 मिमी |
| स्लीमनाबाद | 1037.4 मिमी |
| ढीमरखेड़ा | 803.9 मिमी |
| जिला औसत | 716.7 मिमी |
स्रोत: जिला प्रशासन, कटनी द्वारा जारी वर्षा संबंधी जानकारी।
महत्वपूर्ण आंकड़े:
इस वर्ष जिला औसत — 716.7 मिमी
पिछले वर्ष — 915.8 मिमी
अंतर — 199.1 मिमी
कमी — लगभग 21.7%
इस वर्ष सर्वाधिक — स्लीमनाबाद, 1037.4 मिमी
पिछले वर्ष रीठी — 1211.8 मिमी
Written & Edited By : ADIL AZIZ
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प्रकाशन तिथि: 30 अगस्त 2026
प्रकाशन समय: रात 11:02 बजे IST

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