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पीएम सूर्य घर योजना से जगमगाएंगे कटनी के 14 सरकारी कार्यालय, 25 वर्षों में होगी करीब 9 करोड़ रुपये की बिजली बचत

 



कटनी के 14 सरकारी कार्यालयों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर रूफटॉप लगेंगे। 25 वर्षों में करीब 9 करोड़ रुपये की बिजली बचत होगी।

कटनी के 14 सरकारी भवनों में सोलर प्लांट, 9 करोड़ की बचत

पीएम सूर्य घर योजना कटनी

Published Date: 20 जुलाई 2026
 12:55 PM (IST)


पीएम सूर्य घर योजना से जगमगाएंगे कटनी के 14 सरकारी कार्यालय, हर साल लाखों की बिजली बचत

कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू होने जा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत जिले के 14 सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इस परियोजना से सरकारी भवनों की बिजली पर निर्भरता कम होगी, बिजली बिलों में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आएगी और अगले 25 वर्षों में करीब 9 करोड़ रुपये की बचत होने का अनुमान है।

जिला प्रशासन की पहल पर यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। कलेक्टर आशीष तिवारी ने संबंधित विभागों, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम और डेवलपर कंपनी के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर त्रिपक्षीय अनुबंध की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।


पीएम सूर्य घर योजना से कटनी में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा

देशभर में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित पीएम सूर्य घर योजना अब कटनी जिले के सरकारी कार्यालयों तक पहुंच चुकी है। इस योजना के अंतर्गत सरकारी भवनों की छतों पर आधुनिक रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जाएंगे।

इस पहल का उद्देश्य है—

  • बिजली की खपत कम करना
  • सरकारी खर्च में कमी लाना
  • पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना
  • कार्बन उत्सर्जन में कमी करना
  • स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना

किन-किन सरकारी भवनों में लगाए जाएंगे सोलर प्लांट?

कटनी जिले के कुल 14 सरकारी कार्यालयों एवं संस्थानों में अलग-अलग क्षमता के सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।

प्रस्तावित क्षमता

सरकारी भवनक्षमता
कलेक्ट्रेट कार्यालय25 किलोवाट
जिला पंचायत15 किलोवाट
एसपी कार्यालय27 किलोवाट
पुलिस कंट्रोल रूम46 किलोवाट
शासकीय कन्या महाविद्यालय20 किलोवाट
शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज18 किलोवाट
विद्युतयांत्रिकी कार्यालय15 किलोवाट
जवाहर नवोदय विद्यालय बड़वारा69 किलोवाट
शासकीय महाविद्यालय बरही20 किलोवाट
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कन्हवारा25 किलोवाट
शासकीय अस्पताल बरही56 किलोवाट
शासकीय अस्पताल विजयराघवगढ़70 किलोवाट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी100 किलोवाट

इन सभी परियोजनाओं की कुल स्थापित क्षमता 531 किलोवाट होगी।


हर साल होगा लाखों यूनिट बिजली उत्पादन

मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के अनुसार—

  • कुल क्षमता : 531 किलोवाट
  • अनुमानित वार्षिक उत्पादन : 7.75 लाख यूनिट बिजली
  • प्रति यूनिट बचत : लगभग 4.49 रुपये
  • अनुमानित वार्षिक बचत : 34.80 लाख रुपये

इस परियोजना से सरकारी विभागों के बिजली बिलों में भारी कमी आएगी।


अगले 25 वर्षों में होगी करीब 9 करोड़ रुपये की बचत

विशेषज्ञों के अनुसार इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ इसकी दीर्घकालिक बचत है।

मुख्य आंकड़े—

  • वार्षिक बचत : लगभग 34.80 लाख रुपये
  • 25 वर्षों में अनुमानित बचत : करीब 9 करोड़ रुपये
  • बिजली बिल में 50 प्रतिशत से अधिक कमी

यह राशि सरकारी विभागों के अन्य विकास कार्यों में भी उपयोग की जा सकेगी।


मात्र 4.01 रुपये प्रति यूनिट मिलेगी सौर ऊर्जा

डेवलपर प्रतिनिधि प्रिंस केसरवानी के अनुसार रेस्को मॉडल के तहत सरकारी विभागों को केवल उपयोग की गई बिजली का भुगतान करना होगा।

मुख्य बातें—

  • ग्रिड बिजली लागत : लगभग 8.50 रुपये प्रति यूनिट
  • रेस्को मॉडल लागत : 4.01 रुपये प्रति यूनिट
  • प्रति माह 100 किलोवाट क्षमता पर लगभग 12 हजार यूनिट उत्पादन
  • अनुमानित मासिक बचत : 53,800 रुपये
  • अनुमानित वार्षिक बचत : 6.46 लाख रुपये

क्या है RESCO (रेस्को) मॉडल?

बिना निवेश मिलेगी सौर ऊर्जा

रेस्को (Renewable Energy Service Company) मॉडल में सरकारी विभागों को सोलर प्लांट लगाने के लिए कोई पूंजी निवेश नहीं करना होगा।

इस मॉडल में—

  • डिजाइन डेवलपर तैयार करेगा।
  • पूरा निवेश डेवलपर करेगा।
  • स्थापना और रखरखाव डेवलपर करेगा।
  • विभाग केवल उपयोग की गई बिजली का भुगतान करेगा।

इससे सरकारी विभागों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।


25 वर्षों के लिए होगा त्रिपक्षीय अनुबंध

परियोजना के तहत—

  • संबंधित विभाग
  • मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम
  • डेवलपर कंपनी (मेसर्स टंअलंकार कंपनी, कोटा, राजस्थान)

के बीच 25 वर्षों का त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।

अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद पूरा सोलर संयंत्र संबंधित विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित कर दिया जाएगा।


कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए आवश्यक निर्देश

समीक्षा बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि—

  • त्रिपक्षीय अनुबंध शीघ्र पूर्ण किए जाएं।
  • तकनीकी औपचारिकताएं समय पर पूरी हों।
  • सभी सरकारी भवनों में कार्य तय समय सीमा में शुरू किया जाए।
  • योजना का लाभ जल्द से जल्द मिलना सुनिश्चित किया जाए।

पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगा बड़ा लाभ

सोलर ऊर्जा अपनाने से—

  • कोयले पर निर्भरता कम होगी।
  • कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
  • हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
  • स्वच्छ वातावरण बनाने में सहायता मिलेगी।
  • बिजली उत्पादन की लागत कम होगी।

यह पहल प्रदेश में ग्रीन गवर्नेंस का भी एक बेहतर उदाहरण मानी जा रही है।



"कटनी के सरकारी कार्यालयों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगाए जाने वाले सोलर रूफटॉप प्लांट की सांकेतिक तस्वीर"



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Written & Edited By : ADIL AZIZ

(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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