महिला कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम: ग्रामीण महिलाओं के साथ चौपाल लगाकर सरकार को घेरा
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कटनी में महिला कांग्रेस का बड़ा जनआंदोलन, मनरेगा के समर्थन में गांव-गांव पहुंचीं महिलाएं
कटनी।
ग्रामीण भारत की रीढ़ मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को लेकर एक बार फिर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। महिला कांग्रेस ने कटनी जिले में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एक व्यापक जनजागरण अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान के अंतर्गत मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र के कन्हवारा और पौंडी गांवों में महिलाओं के साथ चौपाल लगाकर ग्रामीणों को मनरेगा से जुड़ने और इसके संरक्षण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया।
इस अभियान की अगुवाई युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं महिला कांग्रेस की नेत्री सौम्या राँधेलिया ने की। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और मनरेगा को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया।
मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, ग्रामीण स्वाभिमान की पहचान
चौपाल को संबोधित करते हुए सौम्या राँधेलिया ने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि ग्रामीण भारत के श्रम, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। यह योजना करोड़ों गरीब, मजदूर और ग्रामीण महिलाओं के लिए जीवन रेखा साबित हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से योजनाओं के नाम बदले जा रहे हैं और अब मनरेगा को भी कमजोर करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में मजदूरों को सुनिश्चित रोजगार देने के उद्देश्य से मनरेगा बनाई गई थी, लेकिन मौजूदा सरकार इसके मूल स्वरूप को खत्म करने पर तुली हुई है।
नाम बदलने से नहीं बदलेगी सच्चाई
महिला कांग्रेस नेत्री ने कहा कि
“जब से भाजपा सत्ता में आई है, योजनाओं के नाम बदलना ही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि बन गया है। मनरेगा का नाम बदलने से न तो मजदूरों की समस्याएं खत्म होंगी और न ही बेरोजगारी।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि मनरेगा के तहत मिलने वाला 100 दिन का रोजगार ग्रामीण परिवारों के लिए संजीवनी है। ऐसे समय में जब महंगाई और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, मनरेगा को कमजोर करना सीधे-सीधे गरीबों के अधिकारों पर हमला है।
राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर प्रदेशव्यापी अभियान
सौम्या राँधेलिया ने बताया कि यह अभियान राष्ट्रीय महिला कांग्रेस अध्यक्ष अलका लांबा और प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया के निर्देश पर पूरे मध्यप्रदेश में चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य गांव-गांव जाकर लोगों को मनरेगा के अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सरकार पर दबाव बनाना है।
उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस का यह संग्राम तब तक जारी रहेगा, जब तक मनरेगा को पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत नहीं किया जाता।
ग्रामीण महिलाओं की मजबूत भागीदारी
इस चौपाल की सबसे खास बात यह रही कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं बड़ी संख्या में आगे आकर इस अभियान से जुड़ीं। महिलाओं ने खुलकर अपनी समस्याएं साझा कीं और बताया कि किस तरह मनरेगा ने उनके परिवारों को आर्थिक सहारा दिया है।
महिलाओं ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से उन्हें न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि आत्मसम्मान भी मिला। ऐसे में इस योजना को कमजोर करना महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी सीधा प्रहार है।
चौपाल में उठीं जमीनी समस्याएं
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मजदूरी भुगतान में देरी, काम के दिनों में कटौती और जॉब कार्ड से जुड़ी परेशानियों को भी सामने रखा। महिला कांग्रेस नेताओं ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं को पार्टी स्तर पर और सड़क से संसद तक उठाया जाएगा।
स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही सक्रिय भूमिका
इस अवसर पर महिला कांग्रेस की नेत्री मिनाक्षी वलवी, रश्मि अग्रवाल, नीरा सोनी, मनीषा सिंह सोलंकी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहीं। वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमल पाण्डेय, अजय खटीक, सूर्यकान्त कुशवाहा, कमल सिंह राठौर की उपस्थिति ने कार्यक्रम को मजबूती प्रदान की।
सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर गांव की चौपाल तक संघर्ष करेगी।
जनहित से जुड़ा आंदोलन
मनरेगा बचाओ संग्राम केवल एक राजनीतिक अभियान नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मनरेगा कमजोर हुई तो सबसे ज्यादा नुकसान गरीब, मजदूर और महिलाएं झेलेंगी।
महिला कांग्रेस का यह प्रयास न केवल राजनीतिक संदेश दे रहा है, बल्कि ग्रामीण समाज को संगठित कर उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने का मंच भी तैयार कर रहा है।
कटनी जिले में महिला कांग्रेस द्वारा चलाया गया मनरेगा बचाओ संग्राम यह साबित करता है कि आज भी गांव-गांव में रोजगार, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई जीवित है। चौपाल के माध्यम से सीधे जनता से संवाद कर महिला कांग्रेस ने यह संदेश दिया है कि मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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