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अदाणी फाउंडेशन द्वारा किसानों को सूक्ष्म सिंचाई के लिए प्रोत्साहन, कम पानी में बढ़ेगी खेती की उपज

 



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कटनी जिले के विजयराघवगढ़ जनपद क्षेत्र में किसानों की बदलती जरूरतों और जल संकट की गंभीर चुनौती को देखते हुए अदाणी फाउंडेशन द्वारा एक सराहनीय पहल की जा रही है। कैमोर एवं अमेहटा सीमेंट प्लांट के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों को कम पानी में अधिक और टिकाऊ खेती करने के लिए सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों को अपनाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य न केवल किसानों की उत्पादन लागत को कम करना है, बल्कि जल संरक्षण के साथ उनकी आय में भी वृद्धि सुनिश्चित करना है।

अदाणी फाउंडेशन की इस पहल को क्लस्टर सीएसआर हेड ऐनेट एफ विश्वास के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। फाउंडेशन द्वारा एक एकड़ भूमि के लिए सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों पर विशेष आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। इसके तहत स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर 25 प्रतिशत और ड्रिप सिंचाई प्रणाली पर 50 प्रतिशत तक की सहायता प्रदान की जा रही है। यह सहयोग उन किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहा है, जो सीमित जल संसाधनों के कारण खेती में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं।




पिछले कुछ वर्षों में अदाणी फाउंडेशन द्वारा लगभग 200 किसानों को स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसी क्रम में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में करीब 50 किसानों को स्प्रिंकलर सेट वितरित किए गए। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विजयराघवगढ़ जनपद के सीईओ ब्रतेश जैन और विजयराघवगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष राजेश्वरी दुबे रहीं। दोनों अतिथियों ने किसानों को आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए अदाणी फाउंडेशन के इस प्रयास की सराहना की।



कार्यक्रम के दौरान अदाणी फाउंडेशन से पंकज द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि मार्च माह तक करीब 200 किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई संयंत्रों के माध्यम से सहायता प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से किसान कम उपलब्ध जल में भी अधिक फसल ले सकते हैं, जिससे उनकी खेती अधिक लाभकारी बन सकती है।

आज के समय में भूमिगत जल स्तर में लगातार गिरावट और अनियमित वर्षा किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। ऐसे में पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों से खेती करना कठिन होता जा रहा है। ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति अपनाने से किसान उसी जल से देखरेख के साथ दो अतिरिक्त सिंचाई कर सकते हैं। इससे रबी की फसल की उत्पादकता बढ़ती है और गर्मी के मौसम में सब्जी उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय का जरिया भी बनता है।

इस अवसर पर जनपद सीईओ ब्रतेश जैन ने कहा कि अदाणी फाउंडेशन द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को जमीनी स्तर तक जरूरतमंद किसानों तक पहुंचाने का प्रयास सराहनीय है। साथ ही ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के अंतर्गत ड्रिप संयंत्र उपलब्ध कराने की स्वीकृति के लिए उन्होंने फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वे ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धतियों को अपनाकर पानी की बचत के साथ बेहतर उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाएं।

कार्यक्रम में अदाणी फाउंडेशन से अमित सोनी ने भी किसानों को संबोधित किया। उन्होंने किसानों को अदाणी फाउंडेशन द्वारा स्थापित कैमोर कृषि उद्यमी किसान उत्पाद संगठन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे संगठित होकर खेती से अधिक लाभ कमा सकें। इसके साथ ही उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए झिरिया में संचालित जैव संसाधन केंद्र की सुविधाओं की विस्तृत जानकारी भी साझा की।

अदाणी फाउंडेशन द्वारा आत्मा परियोजना कटनी और जनपद विजयराघवगढ़ के सहयोग से प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। जमुवानीकलां और झिरिया व नन्हवाराकलां क्षेत्रों से 125-125 किसानों को दो क्लस्टरों में शामिल कर कृषि सखियों और बायो रिसोर्स सेंटर के माध्यम से तकनीकी एवं ऑन-फील्ड सहायता दी जा रही है। यह पहल किसानों को रासायनिक खेती से हटकर प्राकृतिक और टिकाऊ खेती की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कार्यक्रम के माध्यम से कैमोर और अमेहटा क्षेत्र के किसानों से आग्रह किया गया कि वे अदाणी फाउंडेशन के सहयोग से ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई संयंत्र का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और कम पानी में खेती कर अपनी आमदनी बढ़ाएं। यह पहल न केवल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।

कुल मिलाकर, अदाणी फाउंडेशन की यह पहल ग्रामीण विकास, किसान कल्याण और सतत कृषि की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यदि इसी तरह आधुनिक तकनीकों और योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए, तो निश्चित रूप से आने वाले समय में किसान आत्मनिर्भर बन सकेंगे और कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।


Written & Edited By : ADIL AZIZ
Report: Sunil Singote , kymore
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
 PUBLIC SAB JANTI HAI
Email : publicnewsviews1@gmail.com


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