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मिलावट पर सख्ती और शीतलहर से सतर्कता: प्रशासन के दो अहम कदम


 मिलावटी खाद्य सामग्री पर कार्रवाई, खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006, कटनी मिलावट से मुक्ति अभियान, शीतलहर एडवाइजरी, स्वास्थ्य विभाग निर्देश


कटनी जिले में जनस्वास्थ्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने एक साथ दो महत्वपूर्ण मोर्चों पर सख्त कदम उठाए हैं। एक ओर जहाँ अमानक, मिथ्याछाप और मिलावटी खाद्य सामग्री के विक्रय व संग्रहण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर शीतलहर से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विस्तृत एडवाइजरी जारी कर आम नागरिकों को सतर्क किया गया है। ये दोनों पहल यह दर्शाती हैं कि प्रशासन केवल कानूनन कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और जागरूकता को लेकर भी गंभीर है।




मिलावट से मुक्ति अभियान: अमानक दूध-पनीर पर कार्रवाई

जिले में चल रहे मिलावट से मुक्ति अभियान के तहत प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक कई प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है, लाइसेंस व पंजीयन निलंबित किए गए हैं और दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है।

इसी क्रम में न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी नीलांबर मिश्रा ने अमानक दूध और पनीर के विक्रय व संग्रहण के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एक डेयरी संचालक पर 20 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया है।


किस पर और क्यों लगी कार्रवाई

जारी आदेश के अनुसार, सोनेलाल यादव, पिता मुन्नालाल यादव, फर्म आशू डेयरी, माधवनगर कटनी को अमानक एवं मिथ्याछाप दूध और पनीर का संग्रहण एवं विक्रय करते हुए पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कृत्य खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 का उल्लंघन है।

अधिकारियों ने अर्जित अनुचित लाभ और उल्लंघन की पुनरावृत्ति की संभावना को ध्यान में रखते हुए यह आर्थिक दंड लगाया। प्रशासन का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्ती आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यापारी जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।


30 दिवस में राशि जमा करने के निर्देश

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दंड की राशि निर्धारित ट्रेजरी चालान के माध्यम से हैड क्रमांक 0210 – चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य के अंतर्गत, खाद्य अपमिश्रण एवं औषधि नियंत्रण खाते में 30 दिवस के भीतर जमा की जाए।

यदि निर्धारित समय सीमा में राशि जमा नहीं की जाती है, तो लोक धन शोध अधिनियम के तहत राशि की वसूली की जाएगी। यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि दंड केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभावी क्रियान्वयन हो।


मिलावट: एक गंभीर सामाजिक अपराध

मिलावटी खाद्य सामग्री केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि सीधे-सीधे लोगों के जीवन से खिलवाड़ है। दूध और पनीर जैसी रोज़मर्रा की चीज़ों में मिलावट बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। प्रशासन की यह कार्रवाई समाज को यह संदेश देती है कि मुनाफे के लिए स्वास्थ्य से समझौता करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं


शीतलहर से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी

खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ जिला प्रशासन ने शीतलहर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से आम नागरिकों और मैदानी कर्मियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दिसंबर और जनवरी के महीनों में कटनी जिले में शीतलहर का प्रभाव अक्सर देखने को मिलता है।

कई क्षेत्रों में इस दौरान न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस या उससे भी कम दर्ज किया जाता है, जिससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।


शीतलहर से होने वाले संभावित खतरे

अत्यधिक ठंड के कारण—

  • हाइपोथर्मिया

  • फ्रॉस्टबाइट

  • श्वसन और हृदय संबंधी समस्याएँ

  • विषम परिस्थितियों में मृत्यु की संभावना

तक हो सकती है। यही कारण है कि समय रहते सावधानी और जागरूकता बेहद जरूरी है।


सबसे अधिक संवेदनशील वर्ग

शीतलहर के दौरान विशेष रूप से—

  • 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध

  • 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे

  • हृदय एवं श्वसन रोग से पीड़ित व्यक्ति

  • बेघर लोग

  • खुले स्थानों व निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिक

  • सड़क किनारे रहने वाले लोग

अधिक जोखिम में रहते हैं।


शीतलहर क्या है

शीतलहर एक मौसम संबंधी स्थिति है, जिसमें न्यूनतम तापमान में अचानक गिरावट, ठंडी हवाएँ और कई बार पाला जमने जैसी स्थितियाँ उत्पन्न हो जाती हैं।


शीतलहर के दौरान क्या करें (Do’s)

  • रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों से मौसम की जानकारी लेते रहें

  • पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़े पहनें, कई परतों में वस्त्र धारण करें

  • सिर, गर्दन, हाथ और पैरों को ढकें; टोपी, मफलर और मोज़ों का प्रयोग करें

  • गर्म और तरल पेय पदार्थ जैसे चाय, सूप लें

  • संतुलित आहार और विटामिन-सी युक्त फल-सब्जियों का सेवन करें

  • बच्चों, बुजुर्गों और असहाय लोगों का विशेष ध्यान रखें

  • आवश्यक दवाइयों और ईंधन का पूर्व भंडारण रखें


क्या न करें (Don’ts)

  • अत्यधिक ठंड में खुले स्थानों पर अनावश्यक समय तक न रहें

  • गीले कपड़े पहनकर न रहें

  • हाइपोथर्मिया से पीड़ित व्यक्ति को मादक पेय न दें

  • गंभीर लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें


निष्कर्ष

कटनी जिला प्रशासन की ये दोनों पहल— मिलावटी खाद्य सामग्री पर सख्त कार्रवाई और शीतलहर से बचाव की एडवाइजरी— यह साबित करती हैं कि प्रशासन जनस्वास्थ्य और जनहित को लेकर सजग है। सख्ती और जागरूकता, दोनों मिलकर ही एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकती हैं।


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Food Adulteration, Food Safety Act 2006, Katni Administration, Cold Wave Advisory, Public Health


🖋️ Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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