कटनी को मिला मेडिकल कॉलेज या मज़ाक? PPP मोड पर सौगात ने भड़काई जनता की नाराज़गी
अंशु मिश्रा बोले – “PPP मतलब पूँजीपति पेट भरो, शासकीय मेडिकल कॉलेज के बजाय जनता को मिला धोखा”
कटनी, 26 अगस्त 2025।
कटनी की जनता लंबे समय से शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग कर रही थी। कई बार मंचों से इस आश्वासन की गूंज उठी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हों या फिर खजुराहो-कटनी सांसद विष्णुदत्त शर्मा और विधायक संदीप जायसवाल – सभी ने जनता से वादा किया था कि जल्द ही कटनी को शासकीय मेडिकल कॉलेज मिलेगा। लेकिन अब प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज की घोषणा PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर कर दी है।
यह खबर सामने आते ही जिले में निराशा और आक्रोश का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह जनता के साथ छलावा है, क्योंकि सरकारी कॉलेज का सपना दिखाकर अब निजी पूँजीपतियों के सहारे कॉलेज खोलने का फैसला जनता की भावनाओं के विपरीत है।
जनता को सौगात या मज़ाक?
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंशु मिश्रा ने इस फैसले को कटनी की जनता के साथ धोखा बताया है। उनका कहना है –
“यह सौगात नहीं बल्कि मज़ाक है। कटनी के साथ बार-बार उपेक्षा की गई है। जबलपुर, सतना और रीवा जैसे जिलों में शासकीय मेडिकल कॉलेज हैं, लेकिन कटनी को PPP मोड पर मेडिकल कॉलेज देकर दरकिनार कर दिया गया। यह सीधे-सीधे कमजोर नेतृत्व और जनभावनाओं की अनदेखी का नतीजा है।”
PPP मोड का मतलब – “पूँजीपति पेट भरो”
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने तीखे शब्दों में कहा कि PPP मोड का असली अर्थ है – “पूँजीपति पेट भरो”। उनका आरोप है कि सरकार जनता को राहत और सस्ती चिकित्सा सेवाएं देने के बजाय निजी कंपनियों और पूँजीपतियों के हाथों में स्वास्थ्य सेवाएं सौंप रही है।
इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज के लिए भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्र को निजीकरण की ओर धकेलकर भाजपा सरकार ने जनहित को दरकिनार कर दिया है।
संघर्ष और आंदोलन की यादें
कटनी में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग कोई नई नहीं है।
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एनएसयूआई के तत्कालीन अध्यक्ष रहते कई बार जन आंदोलन हुए।
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शहर में कटनी बंद जैसे बड़े प्रदर्शन हुए।
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लोगों ने रैलियां और धरना देकर यह मांग उठाई कि कटनी को शासकीय मेडिकल कॉलेज मिलना चाहिए।
जनता का कहना है कि जब इतना बड़ा संघर्ष किया गया, तब सरकार का यह फैसला जनभावनाओं के साथ सीधा धोखा है।
विपक्ष का आरोप – भाजपा ने किया वादाखिलाफी
अंशु मिश्रा ने कहा कि भाजपा नेताओं ने चुनावी मंचों से जनता को भरोसा दिलाया था कि कटनी में सरकारी मेडिकल कॉलेज खुलेगा। लेकिन अब PPP मोड पर मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय उन सभी वादों का मज़ाक बना रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि युवा कांग्रेस और जिला कांग्रेस इस फैसले का हर स्तर पर विरोध करेगी और जनता को सच बताएगी कि यह “जनता की सौगात” नहीं बल्कि “जनता के साथ धोखा” है।
जनता के बीच ले जाएंगे विसंगतियां
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने ऐलान किया कि PPP मोड वाले मेडिकल कॉलेज की खामियों और विसंगतियों को जनता के बीच ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि –
“भाजपा के जनप्रतिनिधियों का असली चेहरा अब जनता के सामने आएगा। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दों पर धोखा देने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।”
मांग – कटनी को मिले शासकीय मेडिकल कॉलेज
जनता और विपक्षी दलों की मांग साफ है – सरकार PPP मोड का निर्णय वापस ले और कटनी को पूर्ण रूप से शासकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात दे।
जनता का कहना है कि यदि सतना, रीवा और जबलपुर जैसे जिलों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकता है, तो कटनी को क्यों नहीं? क्या कटनी की जनता स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार से वंचित रहेगी?
जागो कटनी जागो – विरोध तेज करने का ऐलान
युवा कांग्रेस ने “जागो कटनी जागो” का नारा देते हुए जनता से अपील की है कि इस फैसले का पुरज़ोर विरोध किया जाए।
अंशु मिश्रा का कहना है –
“हम इस PPP मेडिकल कॉलेज को किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। जनता की ताकत से सरकार को मजबूर करेंगे कि वह यह फैसला वापस ले और कटनी को विधिवत शासकीय मेडिकल कॉलेज देने की घोषणा करे।”
नागरिकों की राय
कटनी के स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:
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PPP मोड पर मेडिकल कॉलेज का मतलब है महंगी फीस और महंगा इलाज।
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गरीब परिवार ऐसे कॉलेज से न तो डॉक्टर बन पाएंगे और न ही सस्ता इलाज करा पाएंगे।
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जनता ने सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग की थी, लेकिन सरकार ने निजीकरण की राह चुन ली।
लोगों का गुस्सा साफ है – “यह सौगात नहीं, धोखा है।”
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कटनी मेडिकल कॉलेज विवाद
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PPP मोड मेडिकल कॉलेज
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अंशु मिश्रा युवा कांग्रेस
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कटनी शासकीय मेडिकल कॉलेज मांग
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भाजपा वादाखिलाफी कटनी
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जागो कटनी जागो आंदोलन
Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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