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कटनी में अनियमितताओं पर पांच मेडिकल स्टोर्स की औषधि अनुज्ञप्तियां निलंबित, बिल और रिकॉर्ड में मिली कमियां



कटनी, 08 अक्टूबर 2026। जिले में दवाओं के क्रय-विक्रय, भंडारण और वैधानिक अभिलेखों के संधारण में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रशासन ने मेडिकल स्टोर्स के निरीक्षण की कार्रवाई तेज कर दी है। औषधि निरीक्षण के दौरान अलग-अलग मेडिकल स्टोर्स में अनियमितताएं पाए जाने के बाद पांच प्रतिष्ठानों की औषधि अनुज्ञप्तियां निर्धारित अवधि के लिए निलंबित कर दी गई हैं।

यह कार्रवाई कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर औषधि निरीक्षक द्वारा किए गए निरीक्षण और संबंधित मेडिकल स्टोर्स को दिए गए कारण बताओ नोटिस की प्रक्रिया के बाद की गई। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान क्रय-विक्रय बिल, बिक्री अभिलेख, वैधानिक रजिस्टर, दवाओं के रख-रखाव तथा विशेष रूप से शेड्यूल एच और एच-1 औषधियों से जुड़े रिकॉर्ड में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप कमियां पाई गई थीं।

पांच मेडिकल स्टोर्स पर हुई कार्रवाई

जांच के बाद जिन पांच मेडिकल स्टोर्स की औषधि अनुज्ञप्तियां निलंबित की गई हैं, उनमें हीरागंज और माधवनगर क्षेत्र के प्रतिष्ठान शामिल हैं। प्रशासन की कार्रवाई में अलग-अलग प्रतिष्ठानों के लिए अनियमितताओं की प्रकृति और जवाब के परीक्षण के आधार पर अलग-अलग निलंबन अवधि निर्धारित की गई है।

कार्रवाई के अनुसार—

  • मेसर्स लकी फार्मा, हीरागंज — 10 दिवस

  • मेसर्स भमृति मेडिकल एंड प्रोविजन्स, माधवनगर — 7 दिवस

  • मेसर्स श्री जय मेडिकल स्टोर्स, ऑटो स्टैंड माधवनगर — 3 दिवस

  • मेसर्स मोहित फार्मानिक, ए.डी.एम. लाइन माधवनगर — 5 दिवस

  • मेसर्स वसंत मेडिकल एजेंसीज, हीरागंज — 5 दिवस

निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठानों से औषधियों का क्रय-विक्रय बंद रहेगा।

लकी फार्मा की अनुज्ञप्ति 10 दिन के लिए निलंबित

प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मेसर्स लकी फार्मा, ग्राउंड एवं फर्स्ट फ्लोर, हीरागंज के निरीक्षण में औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित अभिलेखों में अनियमितताएं सामने आई थीं।

जांच में ऐसी औषधियों के विक्रय संबंधी बिल और रिकॉर्ड के संधारण में भी कमियां पाई गईं, जिनके नशे के रूप में दुरुपयोग की संभावना रहती है। प्रतिष्ठान को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था।

जवाब का परीक्षण करने के बाद प्रशासन ने उसे संतोषजनक नहीं पाया। इसके बाद लकी फार्मा की औषधि अनुज्ञप्तियां तत्काल प्रभाव से 10 दिनों के लिए निलंबित कर दी गईं।

अन्य चार मेडिकल स्टोर्स पर भी निलंबन की कार्रवाई

जांच के दायरे में आए अन्य चार मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इनमें भमृति मेडिकल एंड प्रोविजन्स, माधवनगर की औषधि अनुज्ञप्तियां सात दिनों के लिए निलंबित की गई हैं।

इसी तरह श्री जय मेडिकल स्टोर्स, ऑटो स्टैंड माधवनगर की अनुज्ञप्तियां तीन दिनों, मोहित फार्मानिक, ए.डी.एम. लाइन माधवनगर की अनुज्ञप्तियां पांच दिनों तथा वसंत मेडिकल एजेंसीज, ग्राउंड, फर्स्ट एवं सेकंड फ्लोर, हीरागंज की औषधि अनुज्ञप्तियां पांच दिनों के लिए निलंबित की गई हैं।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि में संबंधित प्रतिष्ठानों पर दवाओं का क्रय-विक्रय नहीं किया जा सकेगा।

शेड्यूल एच और एच-1 दवाओं के रिकॉर्ड पर विशेष निगरानी

मेडिकल स्टोर्स की जांच में केवल सामान्य बिक्री रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि ऐसी दवाओं से संबंधित अभिलेखों को भी महत्वपूर्ण माना गया है जिनकी बिक्री और वितरण के लिए विशेष वैधानिक प्रावधान लागू होते हैं।

शेड्यूल एच और एच-1 औषधियों की बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड का उचित संधारण दवा विक्रेताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशासन ने मेडिकल स्टोर्स को निर्देश दिए हैं कि इन औषधियों की खरीद-बिक्री से संबंधित बिल और अन्य निर्धारित अभिलेख अद्यतन रखे जाएं।

यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दवाओं की बिक्री और उनके रिकॉर्ड में पारदर्शिता से अनधिकृत बिक्री, गलत उपयोग और रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों पर निगरानी रखने में मदद मिलती है।

कारण बताओ नोटिस के बाद हुई कार्रवाई

इन मामलों में सीधे अनुज्ञप्तियां निलंबित करने के बजाय संबंधित प्रतिष्ठानों को पहले कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।

प्रशासन के अनुसार, प्राप्त जवाबों का परीक्षण करने के बाद जहां जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, वहां औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।

इससे यह स्पष्ट होता है कि कार्रवाई निरीक्षण, नोटिस, जवाब और उसके परीक्षण की प्रक्रिया के बाद की गई है।

मेडिकल स्टोर्स को रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश

जिला प्रशासन ने जिले के सभी औषधि विक्रेताओं को अपने वैधानिक रिकॉर्ड व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश दिए हैं। इनमें क्रय-विक्रय बिल, स्टॉक रजिस्टर, विक्रय रजिस्टर और अन्य आवश्यक अभिलेख शामिल हैं।

प्रशासन ने विशेष रूप से ऐसी औषधियों के संबंध में अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है, जिनका नशे के रूप में दुरुपयोग होने की संभावना रहती है। ऐसी दवाओं की बिक्री और रिकॉर्ड संधारण में निर्धारित नियमों का पालन नहीं होने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

नियमों के उल्लंघन पर आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

पांच मेडिकल स्टोर्स की अनुज्ञप्तियां निलंबित किए जाने के बाद जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की निगरानी आगे भी जारी रहेगी। निरीक्षण के दौरान यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल स्टोर्स के लिए यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश भी है कि दवाओं की बिक्री केवल व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि नियामकीय जिम्मेदारियों से जुड़ी प्रक्रिया है। खरीद-बिक्री के बिल, स्टॉक और बिक्री रजिस्टर तथा निर्धारित श्रेणी की दवाओं से जुड़े रिकॉर्ड में किसी भी तरह की लापरवाही संबंधित प्रतिष्ठान के लिए कार्रवाई का कारण बन सकती है।

आधिकारिक नियम और जानकारी

औषधियों की बिक्री, लाइसेंसिंग और संबंधित वैधानिक प्रावधानों के लिए भारत सरकार के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) तथा संबंधित सरकारी नियमों को संदर्भित किया जा सकता है।


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कटनी में औषधियों के क्रय-विक्रय और रिकॉर्ड में अनियमितताओं पर पांच मेडिकल स्टोर्स की औषधि अनुज्ञप्तियां 3 से 10 दिनों तक निलंबित की गईं।

कटनी में पांच मेडिकल स्टोर्स की औषधि अनुज्ञप्तियां निलंबित।

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Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ) PUBLIC SAB JANTI HAI
Email : publicnewsviews1@gmail.com

Date & Time: 08 October 2026 | 10:18 PM IST

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