स्लीमनाबाद टनल बनेगी विंध्य की अमृतधारा: कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना के ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र को मिलेगा सिंचाई का लाभ
स्लीमनाबाद टनल परियोजना से कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना में सिंचाई, पेयजल और विकास को मिलेगा नया आयाम, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी जानकारी।
स्लीमनाबाद टनल से विंध्य के पांच जिलों को बड़ी सिंचाई सौगात
स्लीमनाबाद टनल परियोजना
17 जुलाई 2026
11:55 PM (IST)
Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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स्लीमनाबाद टनल परियोजना: विंध्य के पांच जिलों की तस्वीर बदलने जा रही है ऐतिहासिक योजना
कटनी जिले में स्थित स्लीमनाबाद टनल परियोजना मध्यप्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं में शामिल हो चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टनल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि यह परियोजना कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों के लिए "अमृतधारा" साबित होगी। लगभग 1600 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 12 किलोमीटर लंबी यह सुरंग प्रदेश के कृषि, पेयजल और जल प्रबंधन के क्षेत्र में नया अध्याय लिखने जा रही है।
स्लीमनाबाद टनल परियोजना से पांच जिलों को मिलेगा बड़ा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद विंध्य क्षेत्र के लगभग ढाई लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही हजारों किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा तथा कई क्षेत्रों में पेयजल संकट भी कम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य सिंचाई क्षमता बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करना है और यह परियोजना उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहयोग पर जताया आभार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस परियोजना में केंद्र सरकार ने लगभग 275 करोड़ रुपये का सहयोग दिया है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह चुनौतीपूर्ण परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंची है।
इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण बनेगी 12 किलोमीटर लंबी सुरंग
120 फीट गहराई तक बनी है टनल
स्लीमनाबाद टनल कई स्थानों पर 120 फीट गहराई तक बनाई गई है। यह सुरंग अत्याधुनिक तकनीक से तैयार की गई है और दावा किया गया है कि भीषण भूकंप की स्थिति में भी लगभग 100 वर्षों तक सुरक्षित रह सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में इंजीनियरिंग संस्थानों के लिए यह परियोजना केस स्टडी के रूप में पढ़ाई जाएगी।
नर्मदा का पानी अब गंगा बेसिन तक पहुंचेगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि विज्ञान और आधुनिक इंजीनियरिंग की मदद से अब नर्मदा नदी का पानी गंगा बेसिन के सोन नदी क्षेत्र तक पहुंच सकेगा।
इससे केवल सिंचाई ही नहीं बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
किसानों के लिए वरदान साबित होगी परियोजना
रबी सीजन में मिलेगा सिंचाई का पानी
मुख्यमंत्री के अनुसार आगामी तीन माह के भीतर लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसल के लिए सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी।
किसानों से अपील: अपनी जमीन न बेचें
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में अपनी कृषि भूमि न बेचें।
उनका कहना था कि आने वाले वर्षों में बघेलखंड और बुंदेलखंड कृषि उत्पादन के मामले में पंजाब और हरियाणा को भी चुनौती देने की क्षमता रखेंगे। इससे रोजगार बढ़ेगा, पलायन रुकेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
किन जिलों को मिलेगा सिंचाई का लाभ?
परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधा मिलने वाले प्रमुख जिले—
- सतना: 1,04,970 हेक्टेयर
- मैहर: 54,227 हेक्टेयर
- कटनी: 21,823 हेक्टेयर
- रीवा: 3,532 हेक्टेयर
- पन्ना: 448 हेक्टेयर
कुल मिलाकर लगभग 1.85 लाख हेक्टेयर कमांड एरिया में प्रत्यक्ष सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जबकि अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों को मिलाकर कुल प्रभाव लगभग ढाई लाख हेक्टेयर तक पहुंचेगा।
आसान नहीं था टनल निर्माण
जर्मनी की आधुनिक मशीन से हुई खुदाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती वर्षों में टनल निर्माण की गति काफी धीमी थी। वर्ष 2016 में जर्मनी से लाई गई आधुनिक टनल बोरिंग मशीन के माध्यम से खुदाई तेज की गई।
कठिन चट्टानों, भूगर्भीय चुनौतियों और सुरक्षा मानकों के बीच इंजीनियरों, तकनीशियनों और मजदूरों ने लगातार मेहनत कर इस परियोजना को सफलता तक पहुंचाया।
मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ रहा सिंचाई का रकबा
मुख्यमंत्री के अनुसार—
- पहले प्रदेश में केवल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती थी।
- बाद में यह बढ़कर 44 लाख हेक्टेयर हुई।
- पिछले ढाई वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
स्लीमनाबाद टनल परियोजना इस वृद्धि को और गति देने वाली महत्वपूर्ण योजना मानी जा रही है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
स्लीमनाबाद टनल एक नजर में
- कुल लागत: 1600 करोड़ रुपये से अधिक
- लंबाई: 12 किलोमीटर
- अधिकतम गहराई: 120 फीट
- लाभार्थी जिले: कटनी, रीवा, सतना, मैहर और पन्ना
- अनुमानित सिंचाई लाभ: ढाई लाख हेक्टेयर
- निर्माण तकनीक: आधुनिक टनल बोरिंग मशीन
- उपयोग: सिंचाई, पेयजल एवं संभावित जलविद्युत उत्पादन
स्लीमनाबाद टनल परियोजना के पूरा होने से मध्यप्रदेश के विंध्य क्षेत्र के पांच जिलों में सिंचाई, पेयजल और कृषि विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परियोजना का निरीक्षण कर इसे किसानों और व्यापारियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। लगभग 1600 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह 12 किलोमीटर लंबी सुरंग प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं में शामिल हो गई है।
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| "कटनी में स्लीमनाबाद टनल परियोजना का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विंध्य क्षेत्र की सिंचाई परियोजना" |
- मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग: https://www.mpinfo.org/
- मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग: https://wrd.mp.gov.in/
- भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय: https://jalshakti-dowr.gov.in/
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जुलाई 17, 2026
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