विधानसभा में गूंजा कटनी शासकीय मेडिकल कॉलेज का मुद्दा: सरकार ने शासकीय मेडिकल कॉलेज से किया इनकार, PPP मॉडल पर कायम फैसला
कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग विधानसभा में गूंजी। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का PPP मॉडल से पीछे हटने का कोई विचार नहीं है।
कटनी मेडिकल कॉलेज पर सरकार का बड़ा जवाब, PPP मॉडल बरकरार
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Published Date: 24 जुलाई 2026
10:42 PM (IST)
Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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विधानसभा में गूंजा कटनी शासकीय मेडिकल कॉलेज का मुद्दा, सरकार ने साफ किया रुख
कटनी। मध्यप्रदेश विधानसभा में कटनी के प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज का मुद्दा एक बार फिर जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से सरकार से कई अहम सवाल पूछते हुए कटनी में PPP मॉडल के बजाय शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की मांग उठाई।
हालांकि, विधानसभा में दिए गए जवाब में उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट कर दिया कि वर्तमान में कटनी में PPP मॉडल की जगह शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने पर सरकार का कोई विचार नहीं है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के अनुसार PPP मॉडल को लेकर जनता में किसी प्रकार का व्यापक आक्रोश नहीं है।
कटनी मेडिकल कॉलेज को लेकर विधायक लखन घनघोरिया ने उठाए गंभीर सवाल
विधानसभा में चर्चा के दौरान विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि कटनी की जनता लंबे समय से पूर्णतः शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग कर रही है, लेकिन सरकार PPP मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने सरकार से पूछा कि—
- स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन से हुए अनुबंध की क्या स्थिति है?
- क्या इस संस्था से जुड़ी कंपनियों पर फर्जी मार्कशीट मामलों में STF ने कार्रवाई की थी?
- क्या सरकार इस अनुबंध को निरस्त करने पर विचार कर रही है?
- क्या PPP मॉडल में बनने वाला मेडिकल कॉलेज वास्तव में जनहित को प्राथमिकता देगा?
उन्होंने यह भी कहा कि कटनी की जनता निजी भागीदारी वाले मेडिकल कॉलेज के बजाय पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज चाहती है।
स्वास्थ्य मंत्री का स्पष्ट जवाब: शासकीय मेडिकल कॉलेज पर फिलहाल कोई विचार नहीं
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने विधानसभा में जवाब देते हुए कहा कि—
- वर्तमान में संबंधित संस्था के विरुद्ध STF में कोई जांच लंबित नहीं है।
- प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज भी जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
- PPP मॉडल के माध्यम से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का निर्णय वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखकर लिया गया है।
- कटनी में PPP मॉडल के स्थान पर शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
- निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है।
- सरकार के अनुसार PPP मॉडल को लेकर जनता में किसी प्रकार का व्यापक विरोध नहीं है।
कांग्रेस ने सरकार के जवाब को बताया निराशाजनक
कांग्रेस नेता दिव्यांशु मिश्रा अंशु ने सरकार के जवाब को कटनी की जनता की भावनाओं के विपरीत बताते हुए कहा कि वर्षों से विभिन्न सामाजिक संगठनों, कांग्रेस, NSUI तथा नागरिकों ने शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर आंदोलन किए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान क्षेत्रीय नेताओं द्वारा शासकीय मेडिकल कॉलेज का वादा किया गया था, लेकिन अब सरकार PPP मॉडल पर अडिग दिखाई दे रही है।
दिव्यांशु मिश्रा ने यह भी कहा कि यदि संबंधित संस्था पूरी तरह विवादों से मुक्त थी, तो मुख्यमंत्री का प्रस्तावित भूमिपूजन कार्यक्रम निरस्त क्यों किया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर जनहित एवं छात्रहित में आगे भी संघर्ष जारी रखेगी।
PPP मॉडल क्या है?
PPP (Public Private Partnership) मॉडल वह व्यवस्था है जिसमें किसी सरकारी परियोजना के निर्माण और संचालन में निजी संस्था की भागीदारी होती है।
इस मॉडल में—
- भूमि अथवा अन्य सुविधाएं सरकार उपलब्ध करा सकती है।
- निर्माण एवं संचालन में निजी संस्था की भूमिका होती है।
- उद्देश्य सरकारी संसाधनों पर वित्तीय बोझ कम करना होता है।
हालांकि कई क्षेत्रों में इस मॉडल को लेकर गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं।
कटनी की जनता की क्या है प्रमुख मांग?
स्थानीय नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की लंबे समय से प्रमुख मांग रही है कि—
- कटनी में पूर्णतः शासकीय मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाए।
- गरीब एवं मध्यम वर्ग को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
- स्थानीय छात्रों को मेडिकल शिक्षा के बेहतर अवसर प्राप्त हों।
- जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़े।
राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
कटनी जिले में मेडिकल कॉलेज केवल स्वास्थ्य सुविधा का विषय नहीं बल्कि एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है।
- विधानसभा चुनावों के दौरान यह प्रमुख चुनावी मुद्दा रहा।
- विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर इसे लेकर बयान देते रहे हैं।
- छात्र संगठन एवं सामाजिक संगठन लगातार सरकारी मेडिकल कॉलेज की मांग करते रहे हैं।
सरकार द्वारा विधानसभा में दिए गए ताजा जवाब के बाद यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है।
सरकार के जवाब के बाद आगे क्या?
विधानसभा में सरकार द्वारा स्पष्ट रुख अपनाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि—
- विपक्ष इस मुद्दे को किस प्रकार आगे बढ़ाता है।
- स्थानीय जनप्रतिनिधि जनता की मांगों को लेकर क्या कदम उठाते हैं।
- PPP मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज का निर्माण किस गति से आगे बढ़ता है।
फिलहाल सरकार ने अपने जवाब में साफ संकेत दिया है कि वर्तमान परियोजना में किसी प्रकार का बदलाव प्रस्तावित नहीं है।
कटनी में शासकीय मेडिकल कॉलेज की मांग वर्षों पुरानी है। विधानसभा में इस विषय पर हुई चर्चा ने एक बार फिर इस मुद्दे को प्रदेश की राजनीति और जनचर्चा के केंद्र में ला दिया है। सरकार ने PPP मॉडल को जारी रखने का संकेत दिया है, जबकि विपक्ष और स्थानीय संगठनों का कहना है कि जनता की वास्तविक मांग पूर्ण सरकारी मेडिकल कॉलेज है। आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रह सकता है।
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| कटनी शासकीय मेडिकल कॉलेज मुद्दा विधानसभा में उठाते विधायक लखन घनघोरिया, PPP मेडिकल कॉलेज पर सरकार का जवाब |
- मध्यप्रदेश विधानसभा: https://mpvidhansabha.nic.in
- मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग: https://medicaleducation.mp.gov.in
- मध्यप्रदेश शासन: https://mp.gov.in
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जुलाई 24, 2026
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