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कटनी में 5 खदानें निरस्त | खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई

 

वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए खनिज विभाग सख्त

समय-सीमा में डेड रेंट व रॉयल्टी जमा नहीं करने पर 5 खदानें निरस्त, अन्य भी कार्रवाई के दायरे में

कटनी | दिनांक: 05 मार्च 2026 | समय: 10:30 PM

Written & Edited By : ADIL AZIZ

कटनी में खनिज विभाग की सख्त कार्रवाई, डेड रेंट और रॉयल्टी जमा न करने पर 5 खदानें निरस्त, कई संचालकों को नोटिस और राजस्व वसूली के लिए प्रशासन सख्त।

कटनी में रॉयल्टी व डेड रेंट बकाया पर 5 खदानें निरस्त



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कटनी में खनिज विभाग की सख्ती, बकाया पर कार्रवाई तेज

वित्तीय वर्ष 2025–26 की समाप्ति नजदीक आते ही कटनी जिला प्रशासन ने राजस्व वसूली को लेकर सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। खनिज विभाग ने उन खदान संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है जिन्होंने निर्धारित समय सीमा में डेड रेंट और रॉयल्टी की राशि शासन के खाते में जमा नहीं कराई

जिला प्रशासन की सख्ती का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। खनिज विभाग ने 5 खदानों को निरस्त कर दिया है, जबकि कई अन्य खदान संचालक भी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं।

इस संबंध में हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी खदान संचालक अपनी खदानों से निर्धारित क्षमता के अनुसार खनिज उत्खनन करें और तय समय में राजस्व जमा कराएं।


पांच खदानों पर गिरी प्रशासनिक गाज

डेड रेंट और रॉयल्टी जमा नहीं करने पर निरस्तीकरण

खनिज विभाग के उपसंचालक रत्नेश दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन खदानों को निरस्त किया गया है उनमें निम्न शामिल हैं—

  • पीयूष जैन – ग्राम परसवारा

  • मनोज पांडे – दादर सिहुडी

  • मेसर्स व्हाईट मिनरल – दादर सिहुडी (पत्थर क्रेशर खदान)

  • स्नेहलता जैन – नयाखेड़ा (फर्शी पत्थर खदान)

इसके अलावा असाटी मिनरल की मार्बल खदान को लंबे समय तक बंद रखने के कारण पर्यवसित (समाप्त) कर दिया गया है।

खनिज विभाग के अनुसार यदि निर्धारित नियमों के तहत खदानों का संचालन नहीं किया जाता है या राजस्व जमा नहीं होता है तो लाइसेंस निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाती है।


एक दर्जन से अधिक खदान संचालकों को नोटिस

दो साल से बंद खदानों पर भी प्रशासन सख्त

जिले में दो वर्ष से अधिक समय से शिथिल पड़ी खदानों के विरुद्ध भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

लगभग एक दर्जन से अधिक खदान संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं करीब दो दर्जन संचालकों को डेड रेंट की बकाया राशि जमा करने के लिए डिमांड लेटर भेजा गया है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • विनीत मार्बल – ग्राम छपरा

  • विकास मार्बल – ग्राम छपरा

  • त्रिवेणी मार्बल – ग्राम कछारगांव

  • समदड़िया इंटरप्राइजेज – ग्राम छपरा

  • राजीव पाटिल – ग्राम गेंडा

  • इटालियन मार्बल – ग्राम पौड़ी

  • लक्ष्मी गौड़ मार्बल प्रा.लि. – ग्राम छपरा

  • डी.एम. मार्बल्स – ग्राम छपरा

  • शिवशक्ति मार्बल – ग्राम छपरा

  • गीतांजली मार्बल – ग्राम छपरा

  • लक्ष्मी गौड़ मार्बल एंड मिनरल्स – ग्राम निमास

  • लक्ष्मी स्टोनी मार्म – ग्राम कछारगांव

  • गरीब नवाज मार्बल – ग्राम अमोच

  • गुरु कल्याण कृपा मेसर्स एस. अबुल प्रा.लि. – ग्राम निमास

  • शारदा मार्बल्स – ग्राम निमास

  • सरिता मार्बल – ग्राम निमास

  • बी.आर.एम. मार्बल – ग्राम जुजावल

इसके अलावा पालीवाल, त्रिवेणी मार्बल और तेजस्विनी माइनिंग सहित कई अन्य खदान संचालकों को भी अंतिम सूचना पत्र जारी किए गए हैं।


बकाया नहीं चुकाने पर होगी कुर्की

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निरस्त खदान धारकों द्वारा बकाया राशि समय सीमा में जमा नहीं की जाती है तो उनके खिलाफ मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 के तहत आरआरसी (Recovery of Revenue Certificate) जारी किया जाएगा।

इसके तहत संबंधित संचालकों की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश

राजस्व वसूली में लापरवाही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


भोपाल स्तर से भी सख्त निर्देश

राज्य स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में खनिज साधन विभाग के सचिव आलोक कुमार सिंह और खनिज प्रशासन के संचालक नोबेल फ्रेंक ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि मार्च माह में विशेष अभियान चलाकर अधिकतम राजस्व वसूली सुनिश्चित की जाए।

इस अभियान के तहत बकाया रॉयल्टी और डेड रेंट की वसूली पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


निर्माण कार्यों की रॉयल्टी 15 मार्च तक जमा करने के निर्देश

जिला प्रशासन ने सभी निर्माण एजेंसियों को भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

जिन विभागों को निर्देश दिए गए

  • लोक निर्माण विभाग (PWD)

  • पीआईयू

  • जल संसाधन विभाग (WRD)

  • एनवीडीए

  • अन्य निर्माण एजेंसियां

इन सभी विभागों को भवन निर्माण सामग्री जैसे—

  • गिट्टी

  • बोल्डर

  • रेत

  • मुरूम

की रॉयल्टी और बाजार मूल्य की राशि 15 मार्च तक खनिज मद में जमा कराना अनिवार्य किया गया है।


रॉयल्टी क्लियरेंस नहीं तो बाजार दर से वसूली

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी निर्माण एजेंसी द्वारा रॉयल्टी क्लियरेंस प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता तो उनसे निर्माण सामग्री का मूल्य बाजार दर से वसूला जाएगा

यह व्यवस्था शासन के राजस्व को नुकसान से बचाने के लिए लागू की गई है।


राजस्व वसूली पर लगातार मॉनिटरिंग

जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले 100 प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के लिए खनिज विभाग लगातार मॉनिटरिंग करेगा

खनिज विभाग की टीमें खदानों का निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितताएं पाई जा रही हैं वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है।


आधिकारिक नियम और जानकारी

खनिज राजस्व, रॉयल्टी और खदान संचालन से संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी खनिज साधन विभाग, मध्यप्रदेश शासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

 (Official Source):
https://mining.mp.gov.in

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कटनी में खनिज विभाग की कार्रवाई के तहत खदान निरस्तीकरण और राजस्व वसूली अभियान



कटनी जिले में वित्तीय वर्ष के अंतिम चरण में खनिज विभाग की सख्त कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि राजस्व वसूली और नियमों के पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की संभावना है, जिससे बकाया राजस्व की वसूली सुनिश्चित की जा सके।

Written & Edited By : ADIL AZIZ

(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
PUBLIC SAB JANTI HAI
Email : publicnewsviews1@gmail.com

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