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कटनी में ग्रामीणों की बड़ी राहत: पेयजल समस्या के त्वरित समाधान के लिए कलेक्टर ने जारी किए कंट्रोल रूम और अधिकारियों के नंबर

 कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण के लिए जिला एवं उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित। जानें संपर्क नंबर।

ग्रामीण पेयजल समस्या के लिए कंट्रोल रूम जारी, जानें नंबर।



जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित, हर विकासखंड के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी - यहां देखें पूरी लिस्ट

Published: March 17, 2026 | Updated: March 17, 2026, 12:30 AM IST
By: ADIL AZIZ (जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
Email: publicnewsviews1@gmail.com

कटनी: भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच कटनी जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत भरी पहल की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर अब जिले के दूरदराज के गांवों में पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर और उपखंड स्तर पर विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। साथ ही, हर विकासखंड के लिए अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनके सीधे मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं [तथ्य: समाचार स्रोत]।

यह कदम ग्रामीण आबादी को राहत पहुंचाने के लिए उठाया गया है, ताकि गर्मियों के दौरान किसी भी गांव में हैंडपंप खराब होने या पानी की किल्लत होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

जिला स्तरीय कंट्रोल रूम: यहां दर्ज कराएं शिकायत

कलेक्टर तिवारी के निर्देश पर स्थापित जिला स्तरीय कंट्रोल रूम कार्यदिवसों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित रहेगा। यहां फोन करके आप अपने क्षेत्र की पेयजल समस्या से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

  • कटनी जिला कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा ग्रामीण पेयजल समस्या के समाधान हेतु कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश।

     

  • जिला कंट्रोल रूम नंबर: 07622-225752

  • कंट्रोल रूम प्रभारी: अविनाश परोहा (जिला सलाहाकार)

  • सहयोगी कर्मचारी: अहिल्या बाई सेन और मनोज यादव

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली हर शिकायत को एक पंजी में दर्ज किया जाएगा और उसके निराकरण के लिए तुरंत संबंधित सहायक यंत्री एवं उपयंत्री को सूचित किया जाएगा [तथ्य: समाचार स्रोत]।

उपखंड स्तर पर तैनात अधिकारी: सीधे संपर्क करें, तुरंत पाएं समाधान

जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि शिकायतें लंबित न रहें, सभी उपखंडों और विकासखंडों के लिए अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। ग्रामीण अब सीधे अपने क्षेत्र के अधिकारी को फोन करके हैंडपंप मरम्मत या पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान करवा सकते हैं।

उपखंड कटनी (विकासखंड कटनी एवं रीठी)

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के तहत कटनी उपखंड के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के लिए यह टीम बनाई गई है:

अधिकारी का नामपदनामक्षेत्रमोबाइल नंबर
साकेत सुहानेसहायक यंत्रीकटनी एवं रीठी8770010927
गोपाल सिंहउपयंत्रीरीठी9179254308
प्रिया कोरीविकासखंड समन्वयककटनी एवं रीठी8770079374
राजेन्द्र खरेहैंडपंप मैकेनिकविकासखंड कटनी7999067729


  •  

    कटनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप मरम्मत और पेयजल समस्या समाधान के लिए जारी अधिकारियों की सूची।

उपखंड स्लीमनाबाद (विकासखंड बहोरीबंद एवं ढीमरखेड़ा)

स्लीमनाबाद उपखंड क्षेत्र के लिए निम्नलिखित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है:

अधिकारी का नामपदनामक्षेत्रमोबाइल नंबर
मोहित तिवारीसहायक यंत्रीबहोरीबंद एवं ढीमरखेड़ा7509472127
अनिल चुमल्लकेउपयंत्रीबहोरीबंद9753735167
ओ.पी. गुप्ताउपयंत्रीढीमरखेड़ा9575305982
सत्यप्रकाश हल्दकारविकासखंड समन्वयकबहोरीबंद एवं ढीमरखेड़ा7999460372

उपखंड विजयराघवगढ़ (विकासखंड बड़वारा एवं विजयराघवगढ़)

विजयराघवगढ़ उपखंड के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह अधिकारी तैनात किए गए हैं:

अधिकारी का नामपदनामक्षेत्रमोबाइल नंबर
रमाकांत सिंहसहायक यंत्रीबड़वारा एवं विजयराघवगढ़7000593191
अनुराग चौरसियाउपयंत्रीविजयराघवगढ़8770225109
उदयप्रताप सिंहउपयंत्रीविजयराघवगढ़9893870310
खिलेश सार्वेउपयंत्रीबड़वारा9340449861
लक्ष्मण बुनकरविकासखंड समन्वयकबड़वारा एवं विजयराघवगढ़9425013943

प्रशासन की मंशा: हर ग्रामीण तक पहुंचे शुद्ध पेयजल

यह पहल सिर्फ शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं है। कलेक्टर आशीष तिवारी का स्पष्ट निर्देश है कि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। "गर्मी के मौसम में पानी की एक-एक बूंद कीमती है। हमारा प्रयास है कि किसी भी ग्रामीण को पानी के लिए भटकना न पड़े। इसके लिए अधिकारियों को 24/7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं," एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया [तथ्य: समाचार स्रोत]।

बता दें कि मध्यप्रदेश सरकार भी "जल गंगा संवर्धन अभियान" के तहत जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन पर जोर दे रही है। के अनुसार, पूरे प्रदेश में जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और नए स्रोत बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कटनी जिले में यह कंट्रोल रूम उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

नागरिकों से अपील: समस्या आने पर तुरंत करें संपर्क

जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई हैंडपंप खराब हो जाता है या पेयजल आपूर्ति में कोई व्यवधान आता है, तो वे बिना देरी किए अपने विकासखंड के संबंधित अधिकारी या जिला कंट्रोल रूम में सूचना दें।

  • कटनी ग्रामीण क्षेत्र में हैंडपंप के पास खड़ी महिलाएं, पेयजल समस्या समाधान का प्रतीकात्मक चित्र।


प्रशासन का दावा है कि सूचना मिलते ही संबंधित मैकेनिक या टीम को मौके पर भेजा जाएगा और जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाएगा। यह पहल गर्मियों में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को होने वाली परेशानी को कम करने में कारगर साबित होगी।

कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी की इस पहल ने जिले के ग्रामीणों को एक बड़ी राहत दी है। जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करना और हर विकासखंड के लिए अलग-अलग अधिकारियों के मोबाइल नंबर जारी करना प्रशासन की संवेदनशीलता और पारदर्शिता को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि इस व्यवस्था को कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, लेकिन शुरुआत ने लोगों में एक सकारात्मक उम्मीद जगाई है।



  • पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता से संबंधित केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी के लिए जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) की आधिकारिक वेबसाइट [jaljeevanmission.gov.in] पर विजिट कर सकते हैं।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंप और पाइपलाइन से संबंधित तकनीकी मानकों एवं नियमों के लिए मध्यप्रदेश शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के आधिकारिक पोर्टल [phed.mp.gov.in] पर जानकारी उपलब्ध है।

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