Translate

Public Breaking

कटनी में ग्रामीण पर्यटन का नया अध्याय: 9 होमस्टे तैयार, कम खर्च में उठाएं गांव की सादगी का आनंद


कटनी में ग्रामीण पर्यटन को पंख: 19 नए होमस्टे से बदल रही है पर्यटन की तस्वीर

 कटनी जिले में 9 होमस्टे तैयार और 10 निर्माणाधीन हैं। अब पर्यटक बांधवगढ़ और वाणसागर के करीब कम खर्च में ग्रामीण संस्कृति और पारंपरिक खान-पान का आनंद ले सकेंगे।

 कटनी होमस्टे योजना: ग्रामीण पर्यटन और रोजगार के नए अवसर।

प्रमुख क्षेत्र जहाँ होमस्टे विकसित किए गए हैं:


Written & Edited By : ADIL AZIZ

(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)

  PUBLIC SAB JANTI HAI

Email: publicnewsviews1@gmail.com

Date: 24 फरवरी, 2026 | Time: 10:30 AM

कटनी। मध्य प्रदेश का कटनी जिला अब केवल खनिज और चूना पत्थर के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी ग्रामीण पर्यटन क्षमता के लिए भी जाना जाएगा। जिले में पहली बार ग्रामीण परिवेश से परिपूर्ण 9 होमस्टे (Homestays in Katni) बनकर तैयार हो गए हैं, जबकि 10 अन्य का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है।

यह पहल पर्यटकों को महंगे होटलों के बजाय कम खर्च में गांवों की नैसर्गिक सुंदरता, पारंपरिक जीवनशैली और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू होने का सुनहरा मौका देगी।

कटनी होमस्टे योजना: बांधवगढ़ और वाणसागर का मिलेगा सानिध्य

कटनी जिले का एक बड़ा हिस्सा विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ नेशनल पार्क के बफर जोन से सटा हुआ है। इसके अलावा, वाणसागर बैक वाटर की अथाह जलराशि और आसपास स्थित प्राचीन मंदिर पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं।

  1. बड़वारा विकासखंड: ग्राम जमुनिया।


प्रमुख क्षेत्र जहाँ होमस्टे विकसित किए गए हैं:


इन क्षेत्रों में बने होमस्टे न केवल ठहरने का स्थान हैं, बल्कि ये पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने का एक माध्यम भी हैं।

  1. विजयराघवगढ़ विकासखंड: ग्राम खितौली और कोनिया।



प्रमुख क्षेत्र जहाँ होमस्टे विकसित किए गए हैं:

  1. विजयराघवगढ़ विकासखंड: ग्राम खितौली और कोनिया।

  2. बड़वारा विकासखंड: ग्राम जमुनिया।

इन क्षेत्रों में बने होमस्टे न केवल ठहरने का स्थान हैं, बल्कि ये पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने का एक माध्यम भी हैं।


स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा 

कलेक्टर आशीष तिवारी के अनुसार, होमस्टे के माध्यम से कटनी के ग्राम्य जीवन की सादगी, पारंपरिक खान-पान और लोक कला की व्यापक ब्रांडिंग होगी। इस पहल का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय लोगों को रोजगार के रूप में मिलेगा।

  • टैक्सी सेवा: पर्यटकों के आवागमन के लिए स्थानीय युवाओं को मौका मिलेगा।

  • हस्तशिल्प: स्थानीय कारीगरों के उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी।

  • कृषि उत्पाद: पर्यटकों को शुद्ध देसी भोजन उपलब्ध कराने से किसानों को लाभ होगा।

निवेश और सरकारी अनुदान की प्रक्रिया 

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से मानव जीवन विकास समिति द्वारा इन 19 होमस्टे को विकसित किया जा रहा है। समिति के सचिव और पर्यावरणविद निर्भय सिंह ने योजना की वित्तीय संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:

मदविवरण
कुल लागतलगभग 5 से 6 लाख रुपये प्रति होमस्टे
सरकारी अनुदान (RGSA)2 लाख रुपये (राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान)
ट्रायबल टूरिज्म अनुदान3 लाख रुपये तक
हितग्राही अंशशेष राशि का वहन स्वयं मालिक द्वारा

पर्यटकों के लिए क्या होगा खास? 

अक्सर शहरी और विदेशी पर्यटक शोर-शराबे से दूर शांति की तलाश में रहते हैं। कटनी के ये होमस्टे उन्हें निम्नलिखित अनुभव प्रदान करेंगे:

  • पारंपरिक भोजन: चूल्हे पर बना शुद्ध सात्विक भोजन।

  • सांस्कृतिक अनुभव: स्थानीय लोक गीत और नृत्य।

  • प्राकृतिक वातावरण: प्रदूषण मुक्त आबोहवा और हरियाली।

पर्यटन विभाग का लक्ष्य उन गांवों को चुनना है जो मुख्य पर्यटन स्थलों के पास हैं ताकि लॉजिस्टिक्स में आसानी हो। इससे कटनी पर्यटन को एक नई पहचान मिलेगी।

प्रशासनिक नियम और प्रक्रिया 

यदि आप भी इस योजना का हिस्सा बनना चाहते हैं या होमस्टे बुकिंग से जुड़ी जानकारी चाहते हैं, तो संबंधित प्रशासनिक नियम और प्रक्रियाएं आधिकारिक स्रोतों पर उपलब्ध हैं। विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए आप मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

यह पहल आत्मनिर्भर गांव की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल पर्यटन सशक्त होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन भी रुकेगा।

 Katni Tourism, Madhya Pradesh Homestays, Rural Tourism Katni, MP Tourism Grants, Bandhavgarh Buffer Zone, Katni News.

 कटनी पर्यटन, मध्यप्रदेश होमस्टे योजना, ग्रामीण पर्यटन, कटनी समाचार, बांधवगढ़ नेशनल पार्क, आत्मनिर्भर गांव।




कोई टिप्पणी नहीं