भोपाल में महकेगा कटनी का हर्बल गुलाल: 28 फरवरी से 1 मार्च तक हाट बाजार में रागनी स्व-सहायता समूह की खास पेशकश
कटनी का हर्बल गुलाल
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कटनी के रागनी स्व-सहायता समूह का हर्बल गुलाल 28 फरवरी से 1 मार्च तक भोपाल हाट बाजार में उपलब्ध रहेगा। 550 किलो ऑर्डर के साथ महिलाओं की नई पहचान।
भोपाल में कटनी का प्राकृतिक हर्बल गुलाल
कटनी का हर्बल गुलाल पहुंचेगा भोपाल हाट बाजार
कटनी (18 फरवरी)। ग्रामीण महिलाओं की मेहनत अब प्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी खुशबू बिखेरने जा रही है। बड़वारा ग्राम पंचायत के रागनी स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार किया गया कटनी का हर्बल गुलाल 28 फरवरी से 1 मार्च तक भोपाल के हाट बाजार में स्टाल के माध्यम से बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगा।
प्राकृतिक सुगंध, त्वचा-सुरक्षित गुणवत्ता और पर्यावरण अनुकूल निर्माण के कारण इस हर्बल गुलाल की मांग लगातार बढ़ रही है। होली के त्योहार को सुरक्षित और प्राकृतिक बनाने की दिशा में यह पहल एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
550 किलोग्राम का ऑर्डर: बढ़ता विश्वास, बढ़ती पहचान
स्थानीय बाजार में रिकॉर्ड मांग
रागनी स्व-सहायता समूह को स्थानीय स्तर पर लगभग 550 किलोग्राम हर्बल गुलाल का ऑर्डर प्राप्त हुआ है। यह दर्शाता है कि लोग अब रसायनयुक्त रंगों की बजाय प्राकृतिक विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
समूह की महिलाएं इन दिनों दिन-रात मेहनत कर समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी हैं। गुणवत्ता, पैकेजिंग और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रशासन का सहयोग और “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा
कलेक्टर आशीष तिवारी ने बताया कि जिले के स्व-सहायता समूहों को उनके उत्पादों की मार्केटिंग और ब्रांडिंग के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “वोकल फॉर लोकल” अभियान को मजबूत किया जा रहा है।
भोपाल हाट बाजार में स्टाल लगने से कटनी का हर्बल गुलाल को नई पहचान और व्यापक बाजार मिलने की संभावना है।
वनस्पतियों से तैयार होता है कटनी का हर्बल गुलाल
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फूलों और हल्दी से तैयार किया गया कटनी का हर्बल गुलाल |
आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और विपणन का प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद समूह ने फूलों, हल्दी, चुकंदर, पालक, गाजर और अन्य प्राकृतिक सामग्री से पूरी तरह जैविक गुलाल तैयार करना शुरू किया।
यह हर्बल गुलाल—
त्वचा के लिए सुरक्षित
आंखों के लिए हानिरहित
प्राकृतिक सुगंध से भरपूर
पर्यावरण के अनुकूल
रासायनिक रंगों से होने वाली एलर्जी और त्वचा समस्याओं से बचाव के लिए यह एक बेहतर विकल्प है।
महिला सशक्तिकरण की नई कहानी
रागनी स्व-सहायता समूह की महिलाएं गुलाल पैकिंग करते हुए
रागनी स्व-सहायता समूह की महिलाएं गुलाल पैकिंग करते हुए
बड़वारा की महिलाएं जो पहले सीमित आय पर निर्भर थीं, आज सामूहिक प्रयासों से सफल लघु उद्योग चला रही हैं। यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की कहानी है।
जिला परियोजना प्रबंधक शबाना बेगम ने बताया कि रसायनयुक्त रंगों के दुष्प्रभावों को देखते हुए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हर्बल गुलाल निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।
भोपाल हाट बाजार: ग्रामीण उत्पादों के लिए बड़ा मंच
भोपाल का हाट बाजार स्थानीय उत्पादों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने का मंच है। यहां स्टाल लगाना किसी भी समूह के लिए उपलब्धि है।
कटनी का हर्बल गुलाल यहां प्रदर्शित होने से—
ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी
नए ग्राहक जुड़ेंगे
थोक ऑर्डर की संभावनाएं बनेंगी
अन्य जिलों में विस्तार का मार्ग खुलेगा
सरकारी योजना और नियम संबंधी जानकारी
स्व-सहायता समूहों को मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षण और सहयोग प्रदान किया जाता है। संबंधित प्रशासनिक नियम और प्रक्रियाएं आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
अधिक जानकारी के लिए देखें:
https://www.mpsrlm.gov.in
सुरक्षित होली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कटनी का हर्बल गुलाल केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि एक संदेश है—
सुरक्षित होली, स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण।
यह पहल दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
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रागनी स्व-सहायता समूह की यह पहल कटनी जिले के लिए गर्व का विषय है। 28 फरवरी से 1 मार्च तक भोपाल हाट बाजार में जब यह हर्बल गुलाल अपनी खुशबू बिखेरेगा, तब यह केवल रंग नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश करेगा।
कटनी का हर्बल गुलाल अब प्रदेश स्तर पर पहचान बना रहा है और आने वाले समय में यह राष्ट्रीय बाजार में भी अपनी जगह बना सकता है।
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Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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