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दूषित पानी से 16 मौतें, भाजपाइयों का जश्न: यह सत्ता नहीं, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है – कांग्रेस

 

 दूषित पानी मौतें, इंदौर जल त्रासदी, भाजपा असंवेदनशीलता, कांग्रेस विरोध प्रदर्शन, नगर निगम पेयजल संकट




इंदौर नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए दूषित पेयजल ने जिस तरह 16 निर्दोष नागरिकों की जान ली, वह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि भाजपा शासन की घोर लापरवाही, आपराधिक उदासीनता और संवेदनहीन रवैये का जीवंत प्रमाण है। यह त्रासदी पूरे प्रदेश के लिए एक चेतावनी है कि जब शासन में बैठे लोग जनता की मूलभूत जरूरतों के प्रति भी गंभीर न हों, तो परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं।

यह घटना किसी प्राकृतिक आपदा का परिणाम नहीं थी, बल्कि खराब व्यवस्था, लचर निगरानी और जवाबदेही के अभाव का नतीजा थी। शुद्ध पेयजल हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन इंदौर में यह अधिकार जहरीले पानी में तब्दील कर दिया गया, जिसने 16 परिवारों के घरों में मातम पसरा दिया।




मौतों के बीच जश्न: इंसानियत को झकझोर देने वाला दृश्य- कांग्रेस

कांग्रेस का आरोप जहाँ एक ओर 16 परिवार अपने प्रियजनों की अर्थियां उठाकर रो रहे थे, वहीं दूसरी ओर भाजपा विधायक के निवास पर डीजे बज रहे थे, हवन हो रहा था, नाच-गाना चल रहा था और मिठाइयाँ बाँटी जा रही थीं। यह दृश्य किसी भी संवेदनशील समाज के लिए असहनीय है।

यह केवल असंवेदनशीलता नहीं, बल्कि मौतों पर जश्न मनाने की विकृत मानसिकता को दर्शाता है। ऐसा प्रतीत हुआ मानो जनता की जान की कीमत सत्ता के लिए शून्य हो चुकी है। सवाल यह है कि क्या 16 मौतें किसी राजनीतिक दल के लिए मज़ाक हैं? क्या सत्ता का नशा इतना चढ़ चुका है कि लाशों पर भी जश्न मनाया जाए?





कांग्रेस का आक्रोश: जनत्रासदी के खिलाफ सड़कों पर उतरी आवाज़

इसी अमानवीय व्यवहार के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी शहर अध्यक्ष अमित शुक्ला के नेतृत्व में कटनी विधायक के निवास का घेराव किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन किया और जनता के आक्रोश को सड़क पर उतारा।

कांग्रेस का कहना है कि यह घटना भाजपा के असली चेहरे को उजागर करती है, जहाँ जनसेवा नहीं, बल्कि जनसंहार की राजनीति की जा रही है। पार्टी ने कड़े शब्दों में इस व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि शोक की घड़ी में जश्न मनाने वालों को सत्ता में रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।


यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, मानवीय संकट है

दूषित पानी से हुई मौतें किसी एक शहर की समस्या नहीं हैं। यह पूरे प्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। अगर समय रहते जवाबदेही तय नहीं की गई, तो ऐसी घटनाएँ दोहराई जाती रहेंगी।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि जनता की जान की सुरक्षा के लिए है। जब सत्ता में बैठे लोग संवेदनहीन हो जाएँ, तब विपक्ष का कर्तव्य बनता है कि वह जनता की आवाज़ बने।


कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने इस जल त्रासदी को लेकर तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं—

  1. इंदौर जल त्रासदी की न्यायिक जांच कराई जाए

  2. दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हों

  3. संबंधित भाजपा विधायक अपने शर्मनाक और अमानवीय आचरण के लिए जनता से बिना शर्त माफी माँगें

कांग्रेस का कहना है कि जब तक इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक जनता का आक्रोश शांत नहीं होगा।


जनता सब देख रही है, सब समझ रही है

यह कांग्रेस का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का उबलता हुआ गुस्सा है। जनता अब केवल वादों से नहीं, बल्कि जवाबदेही से संतुष्ट होगी। भाजपा को यह समझना होगा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता का निर्णय अंतिम होता है।

जो लोग आज सत्ता के नशे में मौतों पर जश्न मना रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि इतिहास ऐसे कृत्यों को कभी माफ नहीं करता। समय आने पर जनता इसका जवाब जरूर देगी।


विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष करण सिंह चौहान, राकेश जैन कक्का, दिव्यांशु मिश्रा अंशु, रजनी वर्मा, जालिम यादव, राजेश जाटव, मासूफ अहमद बिट्टू, चोखे भाईजान, मुकेश परोहा, रंजीत सिंह, सुशील जायसवाल, अजय जैसवानी, शेख सिकंदर, संजय गुप्ता, माया चौधरी, आदिता वर्मा, सुमन रजक, कल्पना पाठक, कमल पांडे, नारायण निषाद, विजय मंगल चौधरी, मंगल सिंह, अशोक बहलानी, श्याम यादव, एड. सुनील सेन, अजय खटीक, अप्पू खान, शकील सैयद, चार्ज डेविड, रमेश मिश्रा, जितेंद्र बड़गैया, शशि शेखर भरद्वाज, शुभम मिश्रा, राघव सोनी, प्रहलाद यादव, संजय खरे, अखिलेश, दिलदार खान, सकतेल, अभिषेक शिवहरे (गोलू), हर्षित मिश्रा एवं समस्त कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

इंदौर की यह जल त्रासदी केवल 16 मौतों की कहानी नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता और सत्ता की संवेदनहीनता का आईना है। अगर अब भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लोकतंत्र और मानवता दोनों के लिए घातक होगा।


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🖋️ Written & Edited By : ADIL AZIZ
(जनहित की बात, पत्रकारिता के साथ)
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